पीलीभीत। अपहरण कर बंधक बनाते हुए जमीन का जबरन बैनामा कराने के तीन आरोपियों को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने वादी के बयान बदलने एवं साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार थाना बीसलपुर के मोहल्ला दुबे निवासी नंद किशोर पुत्र देवी दयाल ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया कि उसके पिता की जमीन गांव चौंसर पडिया में है। इसका सौदा मोहल्ला हबीबउल्लाह खां शुमाली निवासी त्रिलोकी नाथ पुत्र महेंद्र कुमार, अमन जायसवाल उर्फ निक्की पुत्र त्रिलोकी नाथ व मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी मुकेश जायसवाल पुत्र बनवारी लाल के हाथ 10 लाख 35 हजार में हुआ था। दो लाख 50 हजार रुपये इकरारनामा के समय लिया था। 16 दिसंबर 2014 को तीनों खरीदार उसके घर आए। उसके पिता के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अपने साथ ले गए। अपने घर ले जाकर उन्हें बंधक बना लिया और बैनामा के कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। विवेचक ने विवेचना पूरी कर रिपोर्ट अदालत में पेश की। सुनवाई के दौरान वादी ने अदालत को बताया कि बीसलपुर के भाजपा विधायक के बहकावे में उसने मुकदमा लिखवा दिया था। उसके बयान बदल लेने और आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर अदालत ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया।