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पीलीभीत के संजीव इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल

Tue, 13 Jun 2017 07:01 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
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प्रमाण्‍ापत्र ‌िददिया गया
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 जिले के मझोला कस्बा निवासी प्रवक्ता संजीव कुमार बंसल ने देश का सबसे बड़ा 101 गुणा 101 का मैजिक स्क्वायर (जादुई वर्ग) बनाकर अपना नाम इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज कराया है। ज्यूरी सदस्य राकेश वैद्य ने 31 मई को उन्हें प्रमाणपत्र व ट्राफी देकर सम्मानित किया।      
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उत्तराखंड की सीमा से सटे कस्बा निवासी बृजमोहन लाल के पुत्र संजीव कुमार बंसल वर्तमान में राजकीय सह शिक्षा सर्वोदय विद्यालय रामपुरा दिल्ली में अंग्रजी प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने जून 2001 में 101 गुणा 101 विषम क्रम का हस्तनिर्मित जादुई वर्ग बनाया था। जिसमें एक से लेकर 10201 तक की गिनती को इस प्रकार भरा कि किसी भी पंक्ति, स्तंभ व विकर्ण का योग 515201 आता है। किसी भी संख्यांक को न तो छोड़ा गया और न ही उसे रिपीट किया गया। संजीव के मुताबिक छोटे-छोटे जादुई वर्ग प्राथमिक स्तर के बच्चों को खेल-खेल में जोड़, घटाव सिखाने में काफी उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। उस दौरान संजीव ने इस जादुई वर्ग को 15 दिन के भीतर तैयार कर सभी को हतप्रभ कर दिया था।      
मालूम हो कि वर्ष 1994 में महिला इंदिरा नरसिंह राव ने अपने हाथों से 100 गुणा 100 का जादुई वर्ग बनाया था। जो लिम्का बुक 2001 के पृष्ठ संख्या 332 पर दर्ज है।      
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इधर प्रवक्ता संजीव के हस्तनिर्मित 101 गुणा 101 जादुई वर्ग को इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स ने जादुई वर्ग की शुद्धता व सत्यापन की जांच के बाद देश के सबसे बड़े जादुई वर्ग (101 गुणा 101) को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की है। दिल्ली के मयूर बिहार में 31 मई को इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकार्ड्स के ज्यूरी सदस्य राकेश वैद्य ने उन्हें प्रमाण पत्र व ट्राफी देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि देश के सबसे बड़े जादुई वर्ग बनाने की प्रेरणा उन्हें रोहतक में बीएड की तैयारी के दौरान उस समय मिली, जब उन्होंने कंप्यूटर पर खेल-खेल में 3 गुणा 3, 5 गुणा 5 व 7 गुणा 7 बनाया। इसके बाद वह बड़े-बड़े वर्ग बनाते चले गए। वह कहते हैं कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन इतना बड़ा जादुई वर्ग भी बना लेंगे। लिम्का बुक में रिकार्ड दर्ज कराने की तमन्ना ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया। प्रवक्ता संजीव अब अपना नाम लिम्का बुक में दर्ज कराने की तमन्ना रखते है। उनकी इस उपलब्धि पर शुभचिंतकों व शिक्षकों ने उन्हें बधाई दी।       
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