झुलसा देने वाली धूप व गर्म हवाओं से जनमानस बेहाल हो गया। रविवार सुबह होते ही सूरज आग उगलने लगा। लोग पूरे दिन बेहाल रहे।
बीते पंद्रह दिन से गर्मी के आगे बचाव के इंतजाम भी बेअसर होते नजर आ रहे हैं। मई माह के शुरुआत में ही पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार जा पहुंचा था। आलम यह है कि दिनभर गर्म हवाओं के थपेड़ों व तन झुलसाने वाली धूप के चलते लोगों का अधिकतर समय घर के भीतर ही गुजर रहा है। इधर रविवार को सुबह सूरज निकलते ही लोग पसीने से लथपथ दिखे। दोपहर होते-होते सूरज की तपिश से टेंपो, बसें व यातायात के अन्य साधन सड़कों से नदारद मिले। रेलवे स्टेशन, बस स्टैड, चौराहाेंपर भी लोग कम ही दिखे। बाजारों व सड़काें पर दोपहर में सन्नाटा पसरा रहा। ग्राहकों के न पहुंचने से व्यापारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे देखे गए। शाम छह बजे तक भी गर्मी पूरे शबाब पर रही। रविवार को अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।