पूरनपुर/घुंघचाई। सीएचसी और पीएचसी की सुविधा नहीं होने के कारण घुंघचाई थाना क्षेत्र के 53 गांवों और कई मजरों की करीब एक लाख आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए करीब 24 किमी की दूरी तय कर पूरनपुर आना पड़ता है। घुंघचाई में आयुर्वेदिक अस्पताल है, लेकिन यहां तैनात चिकित्सक की दूसरे गांव में भी ड्यूटी होने के कारण वह यहां सिर्फ तीन दिन रहते हैं।
घुंघचाई में आदर्श थाना है। जिसके अंतर्गत 53 गांव और कई मजरे आते हैं। तहसील मुख्यालय के लिए आवागमन को परिवहन व्यवस्था दुरुस्त नहीं है तो सीएचसी, पीएचसी भी नहीं है। ऐसे में यहां के बाशिंदों को बीमार होने पर काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आपात स्थिति में आवागमन के साधन न मिलने से कई बार तो मरीज की मृत्यु तक हो जाती है। क्षेत्र में सीएचसी, पीएचसी के लिए लोगों ने कई बार मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
सिर्फ कोशिश...धरातल पर कुछ नहीं
घुंघचाई में सपा सरकार के कार्यकाल में अस्पताल को लेकर कोशिश हुई थी, लेकिन जगह न मिलने पर प्रस्ताव मूर्त रूप नहीं ले सका।
- नंद किशोर, घुंघचाई
क्षेत्र में सीएचसी, पीएचसी न होने से लोगों को इलाज कराने के लिए पूरनपुर जाना पड़ता है। इसमें गंभीर बीमार, महिलाओं और बच्चों को सर्वाधिक परेशानी होती है।
- कुलविंदर सिंह, सिमराया
घुंघचाई थाना क्षेत्र कई किलोमीटर में है, जो कि शाहजहांपुर जिले की सीमा से भी सटा है। क्षेत्र में सरकारी अस्पताल न होने से लोगों को झोलाछाप से इलाज कराना पड़ता है, या फिर 24 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
- अतुल मिश्रा, घुंघचाई
सरकारी अस्पताल न होने की समस्या क्षेत्र के लोग जनप्रतिनिधियों के सामने कई बार रख चुके है, लेकिन आजतक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिली है।
- विजय वर्मा, जितौरिया टांडा
समस्या संज्ञान में है। सीएचसी, पीएचसी के लिए अधिकृत रूप से प्रस्ताव आने और जमीन उपलब्ध होने पर घुंघचाई क्षेत्र में अस्पताल खुलवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ
घुंघचाई का आयुर्वेदिक अस्पताल भवन । संवाद
घुंघचाई का आयुर्वेदिक अस्पताल भवन । संवाद
घुंघचाई का आयुर्वेदिक अस्पताल भवन । संवाद
घुंघचाई का आयुर्वेदिक अस्पताल भवन । संवाद