बरखेड़ा। गांव बर्रामऊ में तेंदुए की दहशत बरकरार है। रात्रि के समय गांव में चहलकदमी कर तेंदुआ लगभग 20 आवारा कुत्तों को अपना शिकार बना चुका है। लगभग 15 दिन पूर्व तेंदुए के निशान मिलने के बाद वन विभाग ने तीन दिन पहले पिंजरा लगाया। पिंजरे के पास लगे कैमरों में तेंदुए की तस्वीरें कैद होे रहीं हैं, लेकिन वह पिंजरे में नहीं कैद हो रहा। तेंदुए की गांव में मौजूदगी से लोगों को जान का खतरा महसूस हो रहा है। लोग खेतों पर काम करने नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर तेंदुआ पिंजरे में कैद नहीं हो रहा तो उसे पकड़ने के लिए कोई अन्य उपाय किया जाना चाहिए ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। तेंदुए की दहशत से गांव के लोग रात में जाग कर मवेशियों की सुरक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसमें प्रधान माखनलाल, दीपांशु, गजेंद्र सिंह, महेश कुमार, सतीश कुमार, अवनीश कुमार, विजय बहादुर, सुरेशपाल सहित अन्य लोग शामिल रहे। संवाद