बरखेड़ा। नगर पंचायत की ओर से कई लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया एमआरएफ सेंटर सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है। सफाई कर्मचारी कस्बे में ही कई स्थानों पर कूड़ा उड़ेल देते हैं। कुछ निजी जगहों पर पैसा लेकर कूड़े से पटान करने का खेल भी चल रहा है।
कस्बे में जगह जगह कूड़े के ढेर लगे रहने से लोगों को संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा रहता है। नगर से रोजाना भारी मात्रा में निकलने वाला कूड़ा एमआरएफ सेंटर पर नहीं पहुंचाया जा रहा है।
कूड़ा निस्तारण के लिए नगर पंचायत ने वर्ष 2019 में कई लाख रुपये की लागत से एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया था। इसका संचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। नगर पंचायत की ट्रॉलियों से कूड़ा वार्ड संख्या एक में सरकारी अस्पताल के सामने खाली पड़े स्थान पर उड़ेल दिया जाता है। इसके अलावा वार्ड संख्या सात में भैसाहा ग्वालपुर को जाने मार्ग किनारे व वार्ड संख्या चार में दौलतपुर मार्ग पर एक निजी भूखंड के साथ ही वार्ड संख्या नौ में सामुदायिक शौचालय के पास भी एक निजी भूखंड पर कूड़ा डाला जा रहा हैं।
बताते हैं कि निजी स्थलों पर पटान कराने के लिए कर्मचारी पैसा लेकर वहां कूड़ा डालते हैं। इधर, पता चला है कि एमआरएफ सेंटर को जाने वाली बिजली लाइन पिछले करीब 25 दिनों से ठप पड़ी है। एमआरएफ सेंटर के केयर टेकर का कहना है कि हफ्ते में एक या दो ट्रॉली कूड़ा सेंटर पर लाया जाता है। नगर पंचायत के पास 57 सफाई कर्मचारी और दो कूड़ा वाहनों के चालक हैं।