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Pilibhit News: किसानों का हंगामा बन रहा चीनी मिल अधिकारियों की परेशानी का सबब

Tue, 09 Dec 2025 11:54 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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बीसलपुर के गांव बरसिया के गन्ना केंद्र पर हंगामा करते किसानफाइल फोटो - फोटो : युवक को नीचे धकेलता सनकी।
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बीसलपुर। सहकारी चीनी मिल के केन यार्ड और गांवों में स्थित क्रय केंद्रों में खराब गन्ना न तौले जाने के मुद्दे पर आए दिन होने वाला किसानों का हंगामा मिल अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बना है।
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चीनी मिल का चालू पेराई सत्र 26 नवंबर को शुरू हुआ था। इसके अगले दिन से ही किसानों ने खराब गन्ना न तौले जाने को लेकर केंद्रों पर हंगामा करना शुरू कर दिया था। पेराई सत्र चालू होने के बाद से अब तक शायद ही कोई दिन ऐसा बचा हो, जब किसानों ने खराब गन्ना न तौले जाने को लेकर हंगामा न किया हो। किसान हंगामा करते हुए क्रय केंद्र प्रभारियों, जांच टीम के सदस्यों और गन्ना अधिकारियों का घेराव कर लेते हैं। साथ ही गन्ने की तौल भी ठप करा देते हैं। दरअसल कुछ किसान जड़-मिट्टी और अगौला सहित गन्ना लेकर तौल कराने पहुंच जाते हैं जबकि मिल प्रबंधन की ओर से लगातार उन्हें साफ सुथरा और ताजा गन्ना लाने के लिए जागरूक किया जाता रहा है।
प्रदेश किसान सहकारी चीनी मिल संघ और गन्ना विभाग के उच्च अधिकारियों ने मानक के विपरीत गन्ना लेने पर सख्ती के साथ प्रतिबंध लगा रखा है। अधिकारियों का यह भी निर्देश है कि मानक के विपरीत गन्ना खरीदने वाले केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं। मिल के केन यार्ड में गन्ने की गुणवत्ता निगरानी करने के लिए जांच टीम लगा रखी है।
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इस प्रकार के गन्ने को माना जाता है मानक के विपरीत
जड़ युक्त गन्ना
मिट्टी लगा हुआ गन्ना
पुराना छिला हुआ गन्ना
अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना
मिल प्रबंधन की अपेक्षा
ताजा गन्ना
जड़ व अगौला रहित गन्ना
मिट्टी न लगी हो
उपयुक्त प्रजाति का गन्ना
खराब गन्ना से रिकवरी आती है कम
चीनी मिल अधिकारियों के अनुसार मानक के विपरीत गन्ना पेरने में काम रिकवरी आती है। इससे मिल को घाटा होता है। चीनी मिल गेट और क्रय केंद्रों पर जो गन्ना खराब बताकर तौल से इनकार कर दिया जाता, उसे किसान कोल्हू पर ले जाकर बेच देते हैं। हालांकि इससे किसानों को सौ रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ता है।
इन केंद्रों पर प्रदर्शन कर चुके किसान
चीनी मिल का पेराई शुरू हुआ है, तब से मिल गेट स्थित क्रय केंद्रों के अलावा नगीपुर अकोला ए ,बी,सी और बरसिया आदि केंद्रों पर किसान विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। मिल गेट स्थित क्रय केंद्रों पर तो रोजाना प्रदर्शन हो रहा है। कभी-कभी दिन में दो बार ऐसी स्थिति आती है।




खराब गन्ना न तौले जाने को लेकर प्रदर्शन करने वाले किसानों को समझा कर शांत कर दिया जाता है। किसानों को खराब गन्ना न तौले जाने के संबंध में अपनी मजबूरी भी बताते हैं। जागरूक किसान जल्दी समझ जाते हैं। अन्य किसानों को समझाने में मुश्किल आती है।
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अवधेश कुमार, मुख्य गन्ना अधिकारी
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