बीसलपुर के गांव अमृता खास में प्रधान प्रबंधक से वार्ता करते किसान संवाद
बीसलपुर। सहकारी चीनी मिल और गन्ना विभाग के अधिकारियों ने पुलिस के साथ शनिवार शाम गांव अमृता खास के एक धर्म कांटे पर माफिया का दो ट्रॉला गन्ना पकड़ने का दावा किया। दूसरी ओर गन्ने को किसान का बताते हुए विरोध में किसानों ने हंगामा किया। गन्ना पुलिस के हवाले कर दिया।
गांव अमृता खास में एक धर्म कांटे पर शनिवार शाम दो ट्रॉला गन्ना तुल रहा था। किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक डॉ. हरिकृष्ण गुप्ता, मुख्य गन्ना अधिकारी अवधेश कुमार और एससीडीआई मनोज साहू सुरक्षा कर्मियों को लेकर पहुंच गए। अधिकारियों ने कहा कि गन्ना माफिया का है जो दूसरी चीनी मिल जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य शिव स्वरूप गंगवार ग्रामीणों को लेकर आ गए। उनका कहना था कि गन्ना किसानों का है। चीनी मिल अधिकारी दोनों ट्रॉला गन्ने को कब्जे में लेने का गलत ढंग से प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने पुलिस बुला ली। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस गन्ना भरे ट्रॉलों को कोतवाली ले गई। सीसीओ का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कराने को तहरीर एससीडीआई देंगे, जबकि एससीडीआई यह मामला चीनी मिल का बता रहे हैं। सीसीओ अवधेश कुमार ने बताया कि यह गन्ना माफिया का है। इसे शाहजहांपुर जिले की एक चीनी मिल को अवैध रूप से भेजा रहा था। अधिकारियों को देखकर माफिया भाग गए।
एससीडीआई मनोज साहू का कहना है कि गन्ना चीनी मिल के अधिकारियों ने पकड़ा है। वह तो सहयोग में गए थे। जिला पंचायत सदस्य का कहना है कि यह गन्ना किसानों का था। किसानों के पास बीसलपुर चीनी मिल की पर्चियां भी थीं। किसान अधिकारियों को पर्चियां दिखाते रहे लेकिन एक न सुनी। कोतवाल संजीव शुक्ला ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है लेकिन गन्ना उन्होंने कब्जे में ले लिया है।