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Pilibhit News: ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों की जिंदगी में घोल रही मिठास

Wed, 14 Jan 2026 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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बिलसंडा के बड़ागांव में ड्रैगन फ्रूट की खेती को दिखाता है किसान। संवाद - फोटो : रुड़की
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पीलीभीत। जिले के कई किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। पारंपरिक खेती को छोड़कर किसान इस खेती से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इसमें गजरौला और बिलसंडा क्षेत्र के किसान शामिल हैं।
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बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र के बड़ागांव निवासी उन्नतशील किसान राजपाल ने करीब एक एकड़ से अधिक जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है। किसान राजपाल के अनुसार एक बार पौधे लगाने के बाद 20 से 25 वर्षों तक उत्पादन मिलता है। इससे यह खेती लंबे समय तक स्थायी आय का साधन बन जाती है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ ड्रैगन फ्रूट से सालाना करीब दस लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है। किसान ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट के बीज वियतनाम से मंगाए गए थे। एक एकड़ में खेती करने पर लगभग तीन से चार लाख रुपये की लागत आती है।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सीमेंट के खंभे की होती है। यह लंबे समय तक मजबूत रहते हैं। एक एकड़ में करीब 600 सीमेंट के खंभे लगाए जाते हैं। इनके ऊपर मोटरसाइकिल का टायर लगाया जाता है। इससे पौधों की टहनियां नीचे की ओर झुकती हैं और उन्हीं टहनियों में फल आते हैं। उन्होंने बताया कि इस खेती में किसी भी प्रकार की रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया जाता। पौधे से पौधे की दूरी सात से दस फुट रखी जाती है। ड्रैगन फ्रूट में फल आने का समय मई से नवंबर तक रहता है।
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एक सीजन में करीब आठ बार फल तुड़ाई होती है। एक पिलर से करीब 20 किलो फल प्राप्त होता है। मंडी में इसका थोक भाव करीब 200 रुपये प्रति किलो रहता है। किसान बरेली मंडी में फल बेचने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में होम डिलीवरी भी करते हैं। अब किसान अपने फार्म पर नर्सरी भी तैयार कर रहे हैं, इसकी ऑनलाइन बुकिंग अन्य राज्यों से भी हो रही है।
ऐशवीर सिंह भी कर रहे ड्रैगन फ्रूट की खेती
गजरौला कला मुस्तकिल गांव के किसान ऐशवीर सिंह भी ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। उन्होंने भी करीब तीन बीघे में 1180 ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए। बताया कि इस खेती को बंदरों से बचाने की दिक्कत नहीं रहती है। बताया कि तीन लाख रुपये लागत के बाद करीब पांच लाख रुपये का मुनाफा हुआ है।
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