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Pilibhit News: नहीं मिली बाघ की चहलकदमी, एक महीने पहले लगाया पिंजरा हटाया

Sun, 04 Jan 2026 11:26 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पूरनपुर। जंगल किनारे गांव पताबोझी के किसान छोटे लाल और बछड़ा, सांड़ को मार डालने वाले बाघ की लोकेशन 10 दिनों से गांवों के आसपास नहीं मिली। आसपास के ग्राम प्रधानों ने क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी से इनकार कर दिया। इस पर एक महीने पहले गांव लोहरपुरा के समीप लगाया गया पिंजरा हटा लिया गया।
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हजारा क्षेत्र में गांव हजारा की पुरानी आबादी के समीप बाघ के पंजों के निशान अक्सर मिल रहे हैं लेकिन लगाए गए पिंजरा के पास तक बाघ नहीं आया। गांव रंपुरा के समीप तेंदुए की चहलकदमी के लिए लगाए गए कैमरों में अब तक तेंदुए की फोटो कैद नहीं हुई। इससे तेंदुए के जंगल में जाने की आशंका विभागीय अफसर व्यक्त कर रहे हैं। जंंगल किनारे खेत की रखवाली कर रहे गांव पताबोझी के किसान छोटे लाल को बाघ ने 11 नवंबर को मार डाला था। उसका अधखाया शव अगले दिन खेत और जंगल की झांड़ियों में मिला था। बाघ को जंगल के अंदर खदेड़ने के लिए हाथी बुलाए गए लेकिन क्षेत्र में तब से बाघ की चहलकदमी नहीं रुक रही थी। निगरानी के लिए टीमें लगी होने के बाद बाघ ने नवंबर महीने में भगवंतापुर रोड पर गांव मुझा के समीप छुट्टा बछड़े और गांव गुलड़हा के समीप सांड़ को मारकर उसका कुछ हिस्सा खा लिया था। बाघ की चहलकदमी को लेकर चार दिसंबर को दो कैमरे लगाए गए थे। इसके बाद भी कई बार गांव लोहरपुर के समीप बाघ दिखने और उसके पंजों के निशान मिलने पर दिसंबर के शुरूआत में पिंजरा लगाया गया था।
बाघ की निगरानी के लिए टीमें जुटी रहीं। सामाजिक वानिकी के रेंजर सरवन लाल ने बताया कि बाघ की 10 दिन से अधिक दिनों से लोकेशन न मिलने, प्रधानों के बाघ की चहलकदमी से इनकार करने को लेकर लगाए गए पिंजरा को हटा लिया। इसके अलावा हजारा क्षेत्र में भुरजनिया-शास्त्रीनगर के समीप शावकों के साथ बाघिन देखे जाने, हजारा क्षेत्र में कई दिनों से बाघ और तेंदुआ की चहलकदमी पर हजारा के समीप पिंजारा लगाया था। सामाजिक वानिकी संपूर्णानगर के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघ और तेंदुए की चहल कदमी हजारा के समीप हो रही है। बाघ के कई बार पंजों के निशान भी मिले हैं लेकिन पिंजरा के समीप अब तक बाघ और तेंदुआ नहीं आया है। गांव रंपुरा कोन के समीप तेंदुआ ने पिछले सप्ताह लावारिस कुत्ते को मार डाला। उसका अधखाया शव सोना सिंह के फार्म हाउस के समीप मिला था। तेंदुए की निगरानी के लिए टीम के अलावा दो कैमरे लगाए गए थे। सामाजिक वानिकी के रेंजर सरवन लाल ने बताया कि कैमरों में तेंदुआ की फोटो अब तक कैद नहीं हो सकी।
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