पीटीआर में बाघ गणना के लिए तैयार की जा रही ट्रांजेक्ट लाइन। स्रोत विभाग
- फोटो : गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में होने वाली बाघ गणना की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पीटीआर प्रशासन ने ट्रांजेक्ट लाइनों के निर्माण से लेकर कैमरा ट्रैप लगाने तक की कवायद तेज कर दी है। गणना 10 दिसंबर से शुरू होगी। इसके लिए पीटीआर में व्यवस्थाएं तेज कर दी हैं।
73 हजार वर्ग हेक्टेयर में फैला पीटीआर का जंगल पांच वन रेंजों में बंटा हुआ है। यहां बाघ, तेंदुओं के अलावा तृणभोजी वन्यजीवों की संख्या भी बेहतर है। इस बार 10 दिसंबर से बाघ गणना शुरू हो रही है। पीटीआर प्रशासन की मानें तो रिजर्व में कुल 48 ट्रांजेक्ट लाइनें बनाई जा रही हैं। इन लाइनों पर वनकर्मी कंपास और रेंज फाइंडर जैसे आधुनिक उपकरणों की मदद से दोनों ओर के वन्यजीवों के मूवमेंट और उपस्थिति को चिह्नित करेंगे। बाघ गणना के लिए पीटीआर के पास पहले से मौजूद 233 कैमरों के अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व से 450 अतिरिक्त कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें अलग-अलग बीटों और संवेदनशील इलाकों में लगाया जाएगा।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ गणना की तैयारियां पूरी गति से चल रही हैं। रेंजर स्तर की टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और स्टाफ को फील्ड में तैनात किया है। अफसरों का मानना है कि इस बार विस्तृत तकनीकी तैयारी और कैमरा कवरेज बढ़ने से बाघों व अन्य वन्यजीवों की और अधिक सटीक संख्या सामने आएगी।