नोमैंस लैंड क्षेत्र में जमीन की जांच करने पहुंचे एसडीएम समेत अन्य अफसर और कर्मचारी। स्रोत : राज
माधोटांडा। कलीनगर क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के नोमैंस लैंड पर अवैध कब्जे का मामला दूर नहीं हो सका है। एसएसबी की ओर से हस्तक्षेप के बाद रविवार को एसडीएम महिपाल सिंह राजस्व और एसएसबी की टीम के साथ सीमा पर पहुंचे और अंतरराष्ट्रीय पिलर संख्या 28 से 30 तक कब्जे की स्थिति को परखा। राजस्व अभिलेखों से जांच भी की। इसके बाद अफसरों ने नोमैंस लैंड के 30 फुट दायरे में अवैध कब्जे करने को लेकर कार्रवाई करने की एसएसबी के अफसरों से बात कही।
तहसील क्षेत्र के अंतर्गत शारदा नदी के पार भारत-नेपाल से सटे इलाके में ग्राम पंचायत रमनगरा और नगरिया खुर्द कला के ग्रामीणों के कृषि पट्टे हैं लेकिन पट्टों की आड़ में कई ग्रामीणों ने वन, सिंचाई विभाग समेत अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे कर खेती शुरू कर दी। अंतराष्ट्रीय पिलर संख्या 27,28,29,30 के निकट स्थित नोमैंस लैंड के दायरे में भी अवैध कब्जे हो गए थे। हालांकि पूर्व में तहसील प्रशासन ने जमीन को कब्जामुक्त कराया था। नेपाल की ओर से भी कुछ दायरे में अपनी जमीन बताकर एतराज किया जाता रहा। मना करने के बावजूद जुताई करने पर दो ग्रामीणों पर नेपाल पुलिस की ओर से कार्रवाई भी की गई थी। इधर कब्जे की समस्या दूर न होने पर एसएसबी की ओर से सुरक्षा मानकों का हवाला देकर हस्ताक्षेप किया गया। पत्र जारी होने के बाद तहसील प्रशासन गंभीर हुआ। रविवार को एसडीएम महिपाल सिंह, नायब तहसीलदार अक्षय यादव कानूनगो और लेखपालों की टीम के साथ शारदा पार नोमैंस लैंड क्षेत्र में पहुंचे। दोनों ग्राम पंचायत के प्रधानों के अलावा एसएसबी और वन विभाग की टीम भी मौजूद रही। अफसरों ने नोमैंस लैंड के दायरे की चिह्नित कर कब्जे की स्थिति को परखा।
तीन पिलर क्षेत्र में भ्रमण भी किया। इसके बाद राजस्व अभिलेखों के जरिए भी जांच की। हालांकि मौके पर नोमैंस लैंड के दायरे में कब्जे की बात सामने नहीं आई। अफसरों ने एसएसबी की टीम से स्पष्ट किया कि नोमैंस लैंड के दायरे में अगर कब्जा करने की बात सामने आती है तो वह कार्रवाई करें। एसडीएम ने बताया कि नोमैंस लैंड क्षेत्र में कब्जे की स्थिति को परखा गया और एसएसबी के अफसरों से भी बातचीत की। अवैध कब्जों पर नजर रखने को कहा। हालांकि जल्द ही सर्वे भी कराया जाएगा।