पीलीभीत। शहर से जाने वाली बसों को दूसरे डिपो पर खड़ा नहीं होने दिया जा रहा है। इससे स्थानीय डिपो की बसों को यात्री नहीं मिल पा रहे हैं और डिपो की आय प्रभावित हो रही है। ऐसे में संविदा चालक-परिचालकों का वेतन भी प्रभावित हो रहा है।
रोडवेज डिपो से करीब 103 बसें संचालित है। अधिकतर बसें बरेली होते हुए कई शहरों के लिए रवाना की जा रही है। ऐसे में बरेली के सैटेलाइट बस अड्डे पर यहां की बसों को खड़ा करने के लिए एक काउंटर भी बनाया जिससे यात्रियों को बसों की सही से जानकारी मिल सके। अधिकतर यात्री वहां पहुंचकर ही बसों से अन्य जगहों के लिए रवाना होते हैं। कुछ समय पूर्व यहां बनाए गए काउंटर को हटा दिया। ऐसे में डिपो की बसों को खड़ा होने की जगह नहीं मिल पा रही है। सड़क किनारे खड़ा करने पर बसोंं का चालान काटा जा रहा है। ऐसे में बसों को रुकने का स्थान नहीं मिल पा रहा है। यात्री भी बसों की जानकारी के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं। यात्री कम होने से रोडवेज डिपो की बसों की आय प्रभावित हो रही है। रोजाना करीब एक लाख रुपये का नुकसान भी हो रहा है। एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि बसों को खड़ा करने नहीं दिया जा रहा है। इससे डिपो की आय प्रभावित हो रही है। अफसरों से वार्ता की जा रही है।