शहर के डिग्री कॉलेज मार्ग पर लगा झुका खंभा। संवाद
- फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर में महिला स्टाफ से झगड़ता युवक। वीडियो ग्रैफ
पीलीभीत। शहर में रीवैंप योजना का काम तेजी नहीं पकड़ सका है। करीब दो वर्ष बीतने के बाद भी खंभे बदलने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। कई स्थानों पर तार भी बदलने का काम बाकी है। इस वजह से उपभोक्ताओं को आए दिन कटौती की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी अफसर अब-तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं।
जिले की बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए रीवैंप योजना के अंतर्गत 480 करोड़ की लागत से जिले में काम कराया जाना है। इसके तहत जिले में जर्जर खंभों को चिह्नित कर उनके स्थान पर नए खंभे लगाए जाने थे। साथ ही खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के साथ नए फीडरों का निर्माण भी किया जाना था। बंच केबल को डाला जाना है। अफसरों का दावा है कि करीब 70 फीसदी का काम पूरा हो चुका है। जबकि कई जगहों पर गले और गिरताऊ खंभे सहारे से टिके हुए हैं। जिन मोहल्लों में बंच केबल डाली है।
वहां केबल नीचे झूल रही है। खंभे लगाए जाने का काम भी मानक विहीन तरीके से किया है। एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि कार्यप्रगति पर है। टीम को नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
बल्लभनगर कॉलोनी में हादसों का सबब बना जर्जर खंभा : शहर की बल्लभ नगर कॉलोनी पॉश इलाके में गिनी जाती है। इसके बाद यहां पर भी विद्युत विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी की है। इस कॉलोनी में एक दुकान के समीप दो खंभे लगे हैं। इसमें एक खंभा नीचे से पूरी तरह से गला हुआ है। जो दूसरे खंभे के सहारे टिका हुआ है।
शहर के डिग्री कॉलेज मार्ग पर लगा झुका खंभा। संवाद- फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर में महिला स्टाफ से झगड़ता युवक। वीडियो ग्रैफ
शहर के डिग्री कॉलेज मार्ग पर लगा झुका खंभा। संवाद- फोटो : सरकारी ट्रामा सेंटर में महिला स्टाफ से झगड़ता युवक। वीडियो ग्रैफ