पीलीभीत। विकास भवन के अफसर और कर्मचारी आग की घटनाओं की रोकथाम को सजग नहीं है। वे जगह-जगह लटकते बिजली और अन्य तारों के मकड़जाल को हटवाना तो दूर खुद के कार्यालयों में लगे एक्सपायर्ड फायर सिलिंडर (एक्सटिंग्विशर) से भी बेपरवाह हैं। इनकी रिफिल अवधि चार माह से अधिक समय पूर्व ही बीत चुकी हैं। हाल यह है कि कर्मचारी भी इनके रखरखाव को लेकर गंभीर नहीं हैं।
जून में एक्सपायर हो गए फायर सिलिंडर
विकास भवन केे सभी तलों पर जगह-जगह बिजली के तारों का मकड़जाल नजर आती है। इसमें कई तार खुले भी दिखते हैं। कई स्थानों पर दीवारों के किनारे और कार्यालय के अंदर भी तार लटकते नजर आते हैं। इसके बाद भी अफसर आग की घटनाओं की रोकथाम को लेकर गंंभीर नहीं है। बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजेे विकास भवन के दूसरे तल पर बिजली बॉक्स खुला पड़ा था। इसमें से कई तार बाहर निकले थे। तीसरे तल पर भी सीढ़ियों के आगे लगा बिजली बॉक्स खुला था। इसी तल पर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कार्यालय में लगे फायर सिलिंडर पर रिफिल कराने की तारीख 18 जून 2025 लिखी थी। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी को इसका पता ही नहीं था। चार माह बाद भी विभाग ने इसे रिफिल कराना जरूरी नहीं समझा।
सहकारिता, नेडा और अन्य कार्यालय में लगा फायर सिलिंडर भी एक्सपायर्ड
विकास भवन के अन्य कार्यालयों में भी एक्सपायर्ड फायर सिलिंडर के सहारे ही आग के इंतजाम नजर आए। सहकारिता विभाग के कार्यालय लगा सिलिंडर की रिफिल अवधि भी जून में ही निकल चुकी है। यूपी नेडा कार्यालय में लगा फायर सिलिंडर पर भी एक्सपायर्ड था। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी का कहना था कि इस पर ध्यान नहीं दिया गया। युवा कल्याण विभाग, कृषि विविधिकरण समेत अन्य कार्यालयों में भी एक्सपायर्ड सिलिंडर नजर आया।
जुलाई में दिया प्रशिक्षण, अब करेंगे निरीक्षण
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि समय-समय पर कार्यालयों में आग से बचाव के उपकरणों की जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि जुलाई में विकास भवन के कार्यालयों के कर्मचारियों को उपकरण के संचालन के बारे में बताया था। जल्द ही कार्यालयों में लगे फायर सिलिंडरों और अन्य उपकरणों की जांच की जााएगी।
विकास भवन के विभागीय कार्यालयों में लगे एक्सपायर्ड फायर सिलिंडर की जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा।- संजय सिंह, डीडीओ
विकास भवन के दूसरे तल पर खुला पड़ा बिजली बॉक्स संवाद
विकास भवन के दूसरे तल पर खुला पड़ा बिजली बॉक्स संवाद