पीलीभीत। कम दाम और बिचौलियों से परेशान जिले के केला किसान खड़ी फसल जोत रहे हैं। हजारा थाना के गांव मौरनियां गांधीनगर निवासी किसान ने ढाई एकड़ में खड़ी केले की फसल जोत दी। अन्य किसान भी खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चला रहे हैं। आरोप है कि बिचौलिया और व्यापारी कुछ रुपये देकर किसान से फसल तुड़वा लेते हैं। जब केला खराब होने लगता है तो खरीदने से इन्कार कर देते हैं। बाद में औने-पौने दाम पर खरीद कर शोषण करते हैं।
शनिवार को पूरनपुर तहसील के हजारा थाना क्षेत्र के गांव मौरनियां गांधीनगर के नितिन, अरुण, अतुल, निखिल, बृजेश, जोगिंदर आदि 10 से अधिक किसानों ने खेरों में खड़े होकर विरोध-प्रदर्शन किया। कहा कि केले का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा। बिचौलिया और व्यापारी चार से आठ रुपये दर्जन केला खरीद रहे हैं। खरीदने के नाम पर नुकसान भी कराया जा रहा है। लागत भी निकल नहीं रही है। मजबूरी में फसल पर ट्रैक्टर चलाना पड़ रहा है। कोई सुनने वाला भी नहीं है। किसानों ने प्रधानमंत्री कार्यालय शिकायती पत्र भेजने की बात कही।
विनोद ने ढाई, विनय ने जोत दी डेढ़ एकड़ फसल
गांव गांधीनगर निवासी विनोद सिंह ने परेशान होकर ढाई एकड़ खेत में खड़ी केले की फसल जोत दी। बताया कि केले का दाम नहीं मिल रहा था। दवा मिल नहीं रही। लागत बहुत आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारी पांच हजार रुपये बैयाना देकर फसल खरीदने से मना कर देते हैं। किसान फसल तोड़कर रख लेता है, बाद में केला खराब होने लगता है। इसके बाद व्यापारी उसे चार से पांच रुपये में खरीदने की बात कहते हैं।
एक एकड़ खेती पर आता 1.50 लाख खर्च
किसानों ने बताया कि एक एकड़ केले की खेती पर लगभग 1.50 लाख रुपये की लागत आती है। चार से आठ रुपये तक बेचने पर मुश्किल से 70 से 80 रुपये ही मिलता है। अधिकतर किसान बैंक से कर्ज लेकर खेती कर रहे हैं। लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने बताया कि व्यापारी और बिचौलियों की कारगुजारी, मुनाफाखोरी पर रोक के लिए प्रधानमंत्री से शिकायत की है।
केले की फसल का इस बार काफी कम रेट मिल रहा है। हजारा क्षेत्र के कुछ किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। आवेदन मंगाए हैं। हजारा क्षेत्र में करीब 400 किसान केले की खेती से जुड़े हैं। - रामेश्वर दयाल, जिला उद्यान अधिकारी
गांव गांधीनगर में केले के कम दाम और बिचौलियों के विरोध में प्रदर्शन करते केला किसान। स्रोत किसा