पीलीभीत। शहर के असम चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का काम तय समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था के दावों के बावजूद फरवरी तक भी निर्माण अधूरा रहा। अब जिम्मेदार अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह तक ओवरब्रिज को चालू करने की बात कह रहे हैं। इस बीच निर्माण कार्य होने से क्षेत्र में उड़ रही धूल से राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जाम की समस्या को दूर करने के लिए शहर के व्यस्ततम असम चौराहे पर बन रहे 650 मीटर लंबे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। वर्ष 2020 में शासन ने इस परियोजना को मंजूरी देते हुए करीब 98 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्ष 2022 में आगरा की कार्यदायी संस्था गिरिराज जी को निर्माण कार्य सौंपा गया और उसी वर्ष निर्माण शुरू हुआ।
ओवरब्रिज बनने से शहर में जाम की समस्या से राहत मिलने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालांकि, लंबे समय बीतने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। निर्माण कार्य को जून 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2024 कर दी गई।
इसके बाद फरवरी 2026 में काम पूरा करने की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद भी तय अवधि में काम पूरा नहीं हो सका। अब जिम्मेदारों की ओर से दावा किया जा रहा है कि ओवरब्रिज का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इसे अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह तक चालू कर दिया जाएगा।
हालांकि, नौगवां क्षेत्र में करीब 100 मीटर दायरे में अभी भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिसे पूरा होने में एक-दो महीने का समय और लग सकता है। इसके चलते क्षेत्र में धूल की समस्या बढ़ गई है। सड़क पर पानी का छिड़काव न होने से दिनभर धूल उड़ती रहती है, इससे राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्जन
ओवरब्रिज का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। धूल की समस्या भी जल्द दूर कर दी जाएगी और शेष कार्य को अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।- तरुण बनर्जी, प्रोजेक्ट हेड
शहर में अधूरा पड़ा ओवरब्रिज का निर्माण। संवाद