पीलीभीत। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला स्वास्थ्य विभाग के लिए मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है। पीएचसी पर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की जगह चिकित्सक व स्टाफ की मनमर्जी के चलते मायूसी मिल रही है। कहीं चिकित्सक आधी अधूरी ओपीडी कर रहें हैं तो कहीं लंबे समय से लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को निशुल्क जरूरी जांचों की सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। रविवार को बाग गुलशेर खां में जांचों की सुविधा न मिलने से मरीजों को मायूस लौटना पड़ा।
शहर के जोशीटोला मोहल्ले में चिकित्सक ओपी मौर्य ने 40 मरीजों का परामर्श दिया। यहां त्योहार के खाने से खराब हुए पेट के मरीज ज्यादातर देखे गए। जिनको दवा देने के साथ चिकित्सक ने हल्का खाना खाने की सलाह दी। चिकित्सक ओपी मौर्य ने बताया कि ज्यादातर मरीज पाचन संबंधी समस्या से परेशान पहुंचे।
पीएचसी पुराना अस्पताल में चिकित्सक डॉ. अदनान ने लगभग 45 मरीज देखे, यहां एलटी की मूल तैनाती नही होने की वजह से जांचों के लिए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी, मरीजों के संदिग्ध बुखार की जांचें नहीं हो पाईं। पीएचसी बाग गुलशेर खां में चिकित्सक शफीन हसन अंसारी ने 30 मरीजों की ओपीडी ली। लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीजों की खून की जांचें नहीं हो पाईं। इसके अलावा ललौरीखेड़ा पीएचसी पर भी अव्यवस्थाएं हावी रहीं।
जन आरोग्य मेले से नदारत या उपस्थिति लगाकर गायब होने वाले चिकित्सकों पर लगातार नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है। आरोग्य मेले में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रहीं हैं। अगर कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी