पीलीभीत। जिला अस्पताल में चिकित्सक सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। कमीशन का खेल बंद न हो, इसके लिए अब चिकित्सकों ने पर्ची की जगह सरकारी पर्चे पर ही निशान लगाना शुरू कर दिए हैं। मरीजों को निशान लगी दवा को बाहर से लेने की सलाह दी जा रही है। परेशान मरीज जेब पर बोझ डालकर बाहर दवा खरीदने पर मजबूर हैं। वहीं अफसर सिर्फ बयानबाजी तक सीमित हैं।
मंगलवार की सुबह करीब 11.30 बजे जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगी हुई थी। मरीजों के हाथ में अलग से दी जाने वाली पर्ची तो दिखाई नहीं दी, लेकिन कुछ मरीज ऐसे जरूर मिले जो अधूरी दवा मिलने से परेशान थे। पूछने पर दवा काउंटर के बाहर कतार में लगे बरहा गांव के रहने वाले रीतराम ने बताया कि उन्हें पर्ची नहीं दी, लेकिन डॉक्टर ने बाहर से दवा लेने के लिए दो दवाओं पर निशान लगा दिया है। इसके अलावा दवा ले रहे गांव बर्रामऊ के रामचंद्र ने बताया कि सीने में दर्द था, तो इसके लिए डॉक्टर ने जैल लिखा है। जो यहां से नहीं मिला है। डॉक्टर ने पर्चे पर ही निशान लगा दिया है कि यह बाहर से लेना है। दवा की कीमत भी करीब 150 रुपये बताई गई। मरीज परेशान दिखे। उनका कहना था कि बेहतर दवाओं की उम्मीद लगाकर अस्पताल आने के बाद भी मायूसी हाथ लग रही। जेब खर्च कर बाहर से दवा लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
तसलीम अपनी पत्नी की दवा लेने आए थे। उन्होंने बताया कि चिकित्सक ने साधारण दवाएं तो यहां की लिख दी, लेकिन एक क्रीम जो काफी कीमत की है। उसे बाहर से लेने के लिए कहा है।- तसलीम।
साधारण बीमारी की दवाएं ही दी जा रही है। एक क्रीम व ड्राप जो महंगा है। उसे बाहर स्थित मेडिकल से लेने के लिए कहा गया है। पर्चे पर निशान भी लगाया है।- मोहम्मद अशफाक।
सभी दवाएं मिल गई है, लेकिन सीरप के लिए चिकित्सक ने बाहर के मेडिकल से लेने की सलाह दी है। अन्य दवा यहां से ले ली है।- अभिषेक।
बाहर से दवा लिखने के लिए साफ तौर पर मना कर दिया है। जो दवाएं अस्पताल में नहीं हैं। उनके लिए डिमांड भी भेज दी गई है। बाहर से दवाएं लिखने की जांच कराई जाएगी।- डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के दवा वितरण काउंटर पर लगी लाइन।संवाद
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के दवा वितरण काउंटर पर लगी लाइन।संवाद
पीलीभीत के जिला चिकित्सालय के दवा वितरण काउंटर पर लगी लाइन।संवाद