पीलीभीत। शहर की किसी भी सड़क पर निकल जाएं, हर जगह अतिक्रमण मिलेगा। हाईवे से लेकर आम गलियों में फुटपाथ से लेकर आधी सड़क तक दुकानें सजाई जाती हैं। इसके लिए दुकानदार, फड़-ठेला लगाने वालों के अलावा बरातघर भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। अधिकांश बरातघरों के पास वाहनों की पार्किंग के इंतजाम नहीं है। आने वाले दिनों में सहालग शुरू होने वाली है। ऐसे में बरातघरों के बाहर पार्किंग होगी, जो मुसीबत का सबब बनेगी।
वैसे तो कोई भी बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान शुरू करने पर पार्किंग, अग्निशमन समेत तमाम इंतजाम करने के नियम हैं। विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत नक्शे में इनका बाकायदा उल्लेख होता है। किसी भी महत्वपूर्ण बिंदु की नदेखी नहीं की जा सकती। नक्शा भी बिना इन सब चीजों के पास नहीं कराया जा सकता, मगर जब विनियमित क्षेत्र के अफसर और इंजीनियर मेहरबान हों तो सब कुछ संभव है। शहर में दो दर्जन से अधिक बरातघर हैं। सबके निर्माण कराने में नियम-कानून ताक पर रख दिए गए हैं। अधिकांश बरातघरों के तो नक्शे ही पास नहीं हैं। कुछ बरातघरों के नक्शे पास भी हुए तो उसमें विनियमित क्षेत्र के इंजीनियर और अफसरों की मेहरबानी से तमाम बिंदुओं की अनदेखी की गई। बरातघर मालिकों से सांठगांठ के चलते अधिकारियों ने उन पर ध्यान नहीं दिया। नतीजतन अधिकांश बरातघर बिना पार्किंग के ही बन गए। 20 से अधिक बरातघरों के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं। इन बरातघरों या धर्मशालाओं में भी शादी की दावतें सीजन भर चलती हैं। अधिकांश में पार्किंग न होने से मेहमान सड़क पर ही वाहन खड़े करते हैं। सजावट के लिए फुटपाथ तक का इस्तेमाल होता है, जिससे अक्सर जाम लग जाता है क्योंकि सजावट आधी सड़क घेर लेती है। दो साल पहले तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी ने सख्ती दिखाते हुए 13 बरातघरों को नोटिस दिया था। बाद में राजनीतिक और असरदार लोगों के दबाव में प्रशासन नरम पड़ गया और मामले दबा दिया। कार्रवाई की औपचारिकता निभाने के लिए बरात घर मालिकों से पार्किंग के लिए दूसरे स्थान की व्यवस्था करने को कहकर मामला टाल दिया गया। कागजों में तो इस समस्या का समाधान हो गया, मगर धरातल पर नहीं। शादी बरातों के सीजन में आम नागरिक हमेशा ही बरातघर मालिकों की मनमानी से परेशान होते हैं।
सीन एक:
गांधी स्टेडियम रोड
गांधी स्टेडियम रोड नो-पार्किंग जोन है। मगर, सबसे अधिक बेतरतीब वाहनों की पार्किंग इसी मार्ग पर होती है। सहालग में इस मार्ग पर बरातघर में भीड़ रहती है। टनकपुर हाईवे से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग होने की वजह से यहां आवाजाही अधिक रहती है। बरातघर में पहुंचने वालों के वाहन सड़क घेर लेते हैं तो अक्सर जाम लगता है।
सीन दो:
मोहल्ला भूरे खां मार्ग
मोहल्ला भूरे खां से खकरा पुलिस चौकी की तरफ जाने वाले इस मार्ग पर भी तमाम बरातघर बिना पार्किंग ही बने हैं। किसी भी बरातघर में वाहनों की पार्किंग के कोई इंतजाम नहीं हैं। एक बरातघर के बाहर जनरेटर फुटपाथ पर ही रखा है। शादियों के सीजन में यहां सजावट और वाहनों के खड़े होने के बाद निकलने की भी जगह नहीं रहती।
सीन तीन:
नकटादाना मार्ग
नकटादाना चौराहा से शहर के भीतर जाने वाले मार्ग पर तीन बरातघर 200 मीटर के दायरे में हैं। किसी भी बरातघर में पार्किंग का इंतजाम नहीं। बरातघर के बाहर वाहन खड़े हो जाते हैं। अस्पताल और स्कूल होने के कारण एंबुलेंस भी निकलती है। जाम में फंसकर लोग परेशान होते हैं। अब तक कोई सुधार नहीं हो सका।
राहगीरों को नहीं होने दी जाएगी दिक्कत
बरातघरों में पार्किंग और अतिक्रमण को लेकर पहले भेजे गए नोटिसों की जानकारी कराएंगे। यह पता किया जाएगा कि नोटिस के बाद बरातघर मालिकों ने क्या जवाब दिया। उसी आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। राहगीरों को किसी कीमत पर परेशान नहीं होने दिया जाएगा। - अरुण कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
मोहल्ला भूरे खां की तरफ जाने वाले मार्ग पर इस बरात घर में पार्किंग नहीं, जनरेटर भी फुटपाथ पर।- फोटो : PILIBHIT
नकटादाना चौराहा के पास इस बरात घर में भी पार्किंग की परेशानी।- फोटो : PILIBHIT