श्री भागवत कथा प्रचार मंडल के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सातवें दिन विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गई, जिसमें जनपद के अलावा उत्तराखंड से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
न्यूरिया बंगाली कॉलोनी के नीमतला स्थल पर 22 जनवरी से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ था। अंतिम दिन वृंदावन से आईं साध्वी रमा मंजरी ने अपने प्रवचन में कहा कि आधुनिकता के इस युग में कुरीतियां तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर नौजवान पीढ़ी इन कुरीतियों का शिकार होती जा रही है। इसके पीछे कहीं न कहीं उनमें संस्कारों की कमी ही मुख्य वजह है। कहा कि प्रत्येक माता-पिता को अपने पाल्यों को अच्छी शिक्षा देने के साथ उसे संस्कारवान बनाना चाहिए। इससे वह नित नई ऊंचाइयां तो चढ़ेगा ही, साथ ही परिवार में खुशहाली भी आएगी। उन्होंने भागवत कथा श्रवण से होने वाले लाभों के बारे में भी बताया। उधर, दोपहर बाद भंडारा हुआ, रानी कॉलोनी, माला कॉलोनी, खरगापुर, कानपुर कॉलोनी, मुख्तार कॉलोनी, भरतपुर, शक्ति फार्म समेत उत्तराखंड से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।