पीलीभीत। परिषदीय स्कूलों के विलय होने का विरोध शुरू हो गया है। अभिभावक और बच्चों के साथ किसान संगठन भी आगे आए हैं। बुधवार को बीसलपुर, बरखेड़ा और पूरनपुर क्षेत्र में अभिभावकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। गांव के स्कूल बंद होने पर अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा बंद कराने की बात कही। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया है। दो से तीन किमी. दूर स्कूल में बच्चों के भेजने में आने वाली दिक्कतों की जानकारी दी है।
स्कूल गेट पर बच्चों और अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
बरखेड़ा। गांव बलदेवपुर गोटिया के प्राथमिक विद्यालय को करीब ढाई किलोमीटर दूर परेवा अनूप में विलय कर दिया गया है। पता चला तो अभिभावक आक्रोशित हो गए। बुधवार को अभिभावक और बच्चे स्कूल के गेट के पास एकत्र हुए। विराेध-प्रदर्शन किया। डीएम को प्रार्थना पत्र देकर स्कूल का विलय न किए जाने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में करीब 50 बच्चे हैं। इसके बाद भी विलय कर दिया गया। कहा कि बच्चों को ढाई किलोमीटर दूर नहीं भेंजेंगे। भले ही पढ़ाई बंद करानी पड़े। इंचार्ज प्रधानाध्यापक पवन कुमार ने बताया कि वर्तमान सत्र में मई तक 47 बच्चों के पंजीकरण हुए थे। ग्रामीणों का कहना है कि 20 बच्चों के प्रवेश अभी और होने हैं। संवाद
धीमरपुरा के बच्चों और अभिभावकों ने जताया विरोध
बीसलपुर। प्राथमिक विद्यालय धीमरपुरा का विलय किए जाने को लेकर बच्चों और अभिभावकों ने बुधवार को विद्यालय गेट पर विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के विद्यालय को गलत ढंग से बंद किया गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान होगा। गांव के बच्चों को काफी दूर स्थित चठिया सेवाराम विद्यालय में नहीं भेजा जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रधान पुष्पा देवी ने किया। ग्रामीणों ने एक घंटे बाद यह निर्णय लेकर प्रदर्शन खत्म कर दिया कि यदि विद्यालय तत्काल चालू नहीं किया गया तो वे लोग विद्यालय गेट पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। संवाद
गांव के स्कूल को दूसरे स्कूल में विलय पर भड़के लोग
पूरनपुर। कलीनगर तहसील के गांव बरूआ कुठारा के प्राथमिक स्कूल को फैजुल्लागंज स्कूल में विलय किए जाने से अभिभावकों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। खंड शिक्षा अधिकारी और विधायक कार्यालय पहुंचकर स्कूल को गांव में ही संचालित कराने की मांग की। बुधवार को गांव बरूआ कुठारा के कई ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राॅली से तहसील मुख्यालय पहुंचे। यहां से खंड शिक्षा अधिकारी और विधायक कार्यालय पहुंचकर गांव के स्कूल को गांव में ही संचालित कराने के लिए ज्ञापन सौंपा। कहा कि गांव के प्राथमिक स्कूल को फैजुल्लागंज प्राथमिक स्कूल में विलय कर दिया गया हैै। उनके गांव से फैजुल्लागंज करीब ड़ेढ किलोमीटर दूर है। रास्ते में सुतिया नाला और घने पेड़ पड़ते हैं। रास्ते में वन्य जीवों का भी खतरा रहता है। इसके बाद ग्रामीणों ने नगर में ब्लाॅक चौराहा के समीप प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने वालों में प्रेमशंकर, चंद्र शेखर, गायत्री देवी सोनी, सचिन आदि थे। संवाद
भाकियू ने जताया विरोध, डीएम को दिया ज्ञापन
पीलीभीत। स्कूलों के विलय के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया है। डीएम को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों को बंद न किए जाने की मांग की। गुरदीप सिंह गोगी के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि अफसरों ने मथना जप्ती गांव के स्कूल का विलय कर दिया है। यह गलत है। बच्चों की शिक्षा के लिए नुकसानदायक है। अन्य स्कूलों का विलय किया जाना भी सही नहीं है। संवाद
पूरनपुर में ब्लाक चौराहा के समीप प्रदर्शन करते बरुआ कुठारा के लोग संवाद
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