पीलीभीत। आवास लाभार्थी को मनरेगा योजना के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली मजदूरी का भुगतान न देने पर मनरेगा लोकपाल ने सचिव, रोजगार सेवक और प्रधान पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। समयावधि में मनरेगा खाते में जुर्माना अदा न करने पर उन पर विभाग की ओर से अन्य कार्रवाई की जाएगी।
पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बूंदीभूड में अनीता देवी पत्नी जयराम ने मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल वर्मा से शिकायत की। आरोप लगाया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला है।
इस योजना में लाभार्थी को मनरेगा से 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान किया जाता है। भुगतान सचिव, रोजगार सेवक व प्रधान की ओर से नहीं किया गया है। शिकायत पर मनरेगा लोकपाल ने खंड विकास अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन आख्या काफी देरी से मिली। आख्या के अनुसार रोजगार सेवक मजदूरी भुगतान के लिए तीन मस्टररोल जारी कर भुगतान दिखाया, जबकि लाभार्थी को भुगतान नहीं करवाया गया।
इसके बाद मनरेगा कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के अलावा किसी ने भी स्पष्टीकरण नहीं दिया। रोजगार सेवक ने 15-15 दिनों के दो मस्टररोल जारी कर 30 कार्य दिवसों का भुगतान फीड कर दिया गया। वहीं लाभार्थी का 60 कार्य दिवसों का भुगतान शेष है। इसके बाद मनरेगा लोकपाल ने मामले की दोषी पाए जाने पर सचिव राजेश गौतम, रोजगार सेवक लखपत और प्रधान शीला देवी पर एक-एक हजार का जुर्माना लगाया है। तीनों लोगों को शीघ्र ही धनराशि मनरेगा खाते जमा कराए जाने के निर्देश दिए गए है। मनरेगा लोकपाल गेंदनलाल वर्मा ने बताया कि मनरेगा योजना में लापरवाही मिलने पर तीनों पर एक-एक हजार का जुर्माना लगाया है।