पंचायत चुनाव के चौथे चरण में ट्रांस शारदा क्षेत्रों के तमाम मतदाताओं को
लंबी दूरी तय कर वोट डालने पड़े। करीब दो से छह किलोमीटर दूरी तय करने को
इन सभी मतदाताओं को ट्रैैक्टर ट्रालियों, बाइकों व साइकिलों से मतदान
केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। जिसके चलते महिलाओं व वृद्धों को खासी दिक्कतें
उठानी पड़ी।
ग्राम पंचायत अशोक नगर की आबादी कई वर्ष पूर्व बाढ़ की भेंट
चढ़ गई थी। बेघर हुए ग्रामीणों को यहां से हटकर अशोक नगर नई बस्ती (पीपल
कालोनी व पुरवा कॉलोनी) में जाकर बसना पड़ा।
बुधवार को मतदान के दौरान इन
दोनों कालोनियों के मतदाताओं को करीब छह किलोमीटर लंबी दूरी तय कर पुराने
अशोक नगर स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचना पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक मतदाता
ट्रैक्टर ट्रालियों, बाइकों व साइकिलों से मतदान करने को पहुंचते रहे।
इसको
लेकर मतदाताओं को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं ग्राम भरतपुर मतदान केंद्र
पर नेहरूनगर, लक्ष्मणनगरी व अयोध्यानगर के लोगों ने डेढ़ से दो किलोमीटर
दूरी तय कर अपना वोट डाला।
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यहां की जनता के साथ तो सालों से खिलवाड़ होता रहा है, लेकिन आज मतदान है। गांव के विकास की खातिर छह किलोमीटर चलकर वोट डालना पड़ा।
श्यामबहादुर
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कालोनी
से जाने वाले बुजुर्गों के लिए तो वोट डालना बहुत मुश्किल भरा है।
प्र्रशासन एक ओर वोटिंग बढ़ाने की पैरवी करता है, दूसरी ओर छह छह किलोमीटर
बूथ बना देता है। इसको लेकर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
हाजी लाल
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