आजादी के बाद विधानसभा के दूसरे ही चुनाव में जिले से दो सीटों का खत्म हो जाना पीलीभीत के लिए सबसे बड़ा बदलाव था। 1957 में दूसरा चुनाव चार के बजाय सिर्फ दो सीटों 79-पीलीभीत और 80-बीसलपुर (सुरक्षित) पर लड़ा गया। दो विधायकों का पत्ता तो ये सीटें कम होने से ही कट गया। बाकी दोनों सीटों के चुनाव परिणाम आए तो वे और ज्यादा दिलचस्प निकले। पहले चुनाव में विधायक चुने गए निरंजन सिंह और मुनींद्र पाल सिंह दूसरे चुनाव में भी निर्वाचित हुए, लेकिन निरंजन सिंह जहां 9664 वोट पाकर चुनाव जीत गए, वहीं मुनींद्र पाल सिंह को जीतने के लिए 28724 मत हासिल करने पड़े। यह अलग बात है कि दोनों क्षेत्रों की मतदाता संख्या और मतदान का अंतर भी इसी अनुपात से मिलता-जुलता हुआ रहा था। वर्ष 1957 के दूसरे विधानसभा चुनाव में पीलीभीत में मतदाताओं की संख्या 80,279 और बीसलपुर में 1,54,239 थी। पीलीभीत से छह और बीसलपुर सीट से नौ प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। पीलीभीत में अन्य प्रत्याशियों के साथ पहली बार विधायक बने निरंजन सिंह के अलावा हरिप्रसाद ने भी भाग्य आजमाया था। पहले चुनाव में पीलीभीत ईस्ट कम बीसलपुर से आईएनएस पार्टी से विधायक बने निरंजन सिंह दूसरे चुनाव में भी 9664 मत पाकर विजयी रहे। उन्होंने बीजेएस के रामकृृष्ण साहू को 2799 मतों से हराया जिन्हें 6865 मत मिले। पहले चुनाव में बीसलपुर सेंट्रल सीट से सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधायक बने हरिप्रसाद 6524 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे। उधर पहले चुनाव में पूरनपुर कम बीसलपुर सीट से विधायक चुने गए मुनींद्र पाल सिंह दूसरे चुनाव में बीसलपुर (सुरक्षित) सीट भी विधायक चुने गए। इस चुनाव में उन्हें 28724 मत मिले और उन्होंने निर्दलीय बिहारीलाल को 3528 मतों से शिकस्त दी जिन्हें 25196 मत मिले।
गोमती देवी थी पहली महिला प्रत्याशी
जिले में गोमती देवी पहली महिला प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूदी थीं। 1957 में हुए दूसरी विधानसभा चुनाव में 80-बीसलपुर (सुरक्षित) सीट से गोमती देवी ने इंडियन नेशनल कांग्रेस से नामांकन कराया था। इस चुनाव में 17246 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं।
एक सीट पर 80 तो दूसरी सीट पर सिर्फ 44 प्रतिशत हुआ मतदान
दूसरी विधानसभा के लिए हुए चुनाव में बीसलपुर सुरक्षित सीट में कुल 1,54239 मतदाता थे। इसमें 123074 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जो 79.79 प्रतिशत था जबकि 79-पीलीभीत सीट पर 80279 मतदाताओं में से मात्र 35411 ने वोट डाले तो 44.11 प्रतिशत ही थे।