पूरनपुर (पीलीभीत)। सख्ती के बाद भी पराली और पताई जलाने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। मंगलवार को सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव रायपुर में लगे गन्ना क्रय केंद्र के समीप एकत्र कर पताई में आग लगा दी गई। पताई को नहर पटरी पर लगाने पर सिंचाई विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नहर पटरी पर पताई का ढेर लगाने वाले किसानों को सिंचाई विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।
तहसील क्षेत्र में पराली, पताई जलाने के 157 मामलों में अफसरों ने कार्रवाई की। इसमें 105 किसानों के खिलाफ 42 एफआईआर दर्ज कराई गई। 120 किसानों पर 3.15 लाख जुर्माना डाला गया। इसमें 2,38,650 रुपये जुर्माना की वसूली की गई। पराली, पताई जलाने पर अब भी कार्रवाई की जा रही है। अफसर गांव-गांव चौपाल लगाकर पताई, पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की जानकारी देकर पताई, पराली को वैज्ञानिक विधि से नष्ट कर कंपोस्ट खाद बनाकर उसका प्रयोग करने का आह्वान कर रहे हैं। इसके बाद भी पताई जलाने की घटनाएं नहीं रुक रही है। मंगलवार को सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव रायपुर के गन्ना क्रय केंद्र के समीप एकत्र की गई पताई में किसानों ने आग लगा दी। जल रही पताई से देर तक धुआं निकलता रहा। उधर, तमाम किसानों ने पताई से कंपोस्ट खाद न बनाकर सड़कों के किनारे, नहर पटरियों पर जगह-जगह लगा दिया। इससे लोगों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही है।
नहर पटरी पर पताई लगाने वाले किसानों पर सिंचाई विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नहर पटरी पर पताई लगाने वाले किसानों को नोटिस जारी किए गए है। नोटिस में किसानों को जिलेदार तृतीय शारदा सागर खंड पीलीभीत कार्यालय में तलब किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित तिथि पर न पहुंचने वालों को अपना जुर्म स्वीकार है माना जाएगा और नार्दर्न इंडिया कैनाल ड्रेनेज एक्ट के तहत केस दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।