पूरनपुर(पीलीभीत)। पहाड़ों पर बीते दिनों हुई भारी बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। पैंटून पुल के आगे बने रास्ते पर जल भराव हो गया। इससे जंगल और नदी रास्ता दलदल बन गया। चार पहिया वाहन पुल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कीचड़ सूखने में कम से कम चार दिन लगेंगे। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने रविवार को मौके पर पहुंचकर पुल से आवागमन शुरू न होने पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर और ठेकेदार से नाराजगी जताई। ठेकेदार को दो दिन में पुल से आवागमन शुरू कराने की चेतावनी दी गई है। पुल पर आवागमन शुरू न होने और रास्ता ठीक न होने के विरोध में बस मालिकों ने प्रदर्शन कर आवागमन जल्द शुरू कराने की मांग की। रास्ता ठीक न कराने पर बस मालिकों ने पर हड़ताल की चेतावनी दी है।
तहसील क्षेत्र के शारदा पार गांवों में आवागमन को शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका होने पर पुल 15 जून को हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुल से आवागमन शुरू करना निर्धारित है। पिछले कई बरसों से निर्धारित समय से पहले ही पुल हटा लिया जाता है और निर्धारित तिथि के बाद पुल से आवागमन शुरू हो पाता है। शारदा नदी का जलस्तर कम होने पर 10 दिन पहले नदी पर फिर पैंटून पुल बनाने का कार्य शुरू किया गया। पुल बनकर तैयार भी हो गया लेकिन इस समय पुल के आगे का रास्ता बनाया जा रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के रास्ते पर जलभराव हो गया। इससे पुल पर रास्ता बनाने का कार्य थम गया। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने रविवार को पांटून पुल का निरीक्षण कर अब तक पुल से आवागमन शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की। पुल निर्माण के बाद रास्ते को सही करवा रहे ठेकेदार को दो दिन के अंदर रास्ता सही कर आवागमन शुरू करवाने की चेतावनी दी।
बस मालिकों का प्रदर्शन और नारेबाजी
इधर, पुल से अब तक आवागमन शुरू न होने के विरोध में रविवार को पूरनपुर-टाटरगंज बस यूनियन के बस मलिकों ने नगर के बस स्टैंड पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बस मालिकों का कहना है कि पुल से पंद्रह अक्तूबर को आवागमन शुरू हो जाना चाहिए था। दो महीने बाद अब तक पुल से आवागमन शुरू नहीं हो सका। पुल से आवागमन न होने से बसें मात्र 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पा रही है। रास्ते पर अब तक चकर प्लेटें और खरिया नहीं डाली गई है। जबकि उन लोगों से टैक्स के नाम पर हर साल हजारों रुपये की वसूली हो रही है। कई साल पहले बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों को भी अब तक ठीक नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने रास्ते ठीक न होने, पुल से आवागमन शुरू न होने पर किसी समय भी हड़ताल कर बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में हाजी लियाकत हुसैन, अशोक मिश्रा, रियासततुल्ला, राजेंद्र कश्यप, अशफाक खां, राजू, फारूक खां, राजू, राहुल आदि थे।
पिछले साल बसों का एक दिन भी नहीं हो पाया आवागमन
पूरनपुर। पिछले साल बरसात के बाद दिसंबर माह में पुल तैयार हुआ था। पुल से जब तक आवागमन शुरू होता। इससे पहले पुल के दोनों ओर जलभराव हो गया। इससे पुल से दो पहिया और पैदल लोगों का आवागमन मात्र चार दिन ही हो सका। बसों और चार पहिया अन्य वाहनों का आवागमन ही नहीं हो सका था।
कई वाहन नदी रास्ते में फंसे
पूरनपुर। पांटून पुल तैयार होने की आशंका पर दो पहिया और चार पहिया वाहन सवार नदी के रास्ते से पुल तक पहुंचना शुरू हो गए थे। रास्ते में जलभराव को लेकर उनके वाहन रास्ते में फंस गए। इससे लोगों को भारी असुविधा हुई।
सोलह ग्राम पंचायतों की एक लाख आबादी पर असर
पूरनपुर। शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधीनगर, शांतीनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित सोलह ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बरसात में पैंटून पुल हटने से इन गांवों के लोगों को तहसील मुख्यालय आवागमन में भारी असुविधा होती है।
पुल निर्माण का कार्य तो पूरा करा दिया गया। रास्ता बनवाया जा रहा था। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ते पर जलभराव हो गया। चकर प्लेटें डालने का कार्य करवाया जा रहा है। जलस्तर कम होते ही दो से तीन दिन में पुल से आवागमन शुरू करवा दिया जाएगा।
-मुकेश कुमार, अवर अभियंता पीडब्ल्यूडी।