पीलीभीत। वाहन खरीदने के नाम पर एक ग्रामीण से तीन साल पहले हुई ठगी के मामले में अब कानूनी कार्रवाई की गई है। कोर्ट के आदेश पर सुनगढ़ी थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी प्रपत्र बनाकर इस्तेमाल करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव चिनौरा निवासी शिवदयाल पुत्र खूबचंद का रिपोर्ट में कहना है कि उसने कॉमर्शियल मोटर्स (नौगवां चौराहा) के संजय सिंह के माध्यम से एक टाटा वेंचर चार पहिया वाहन कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए 18 अक्तूबर 2016 को खरीदा। सभी कर सहित इसकी कीमत 5.45 लाख रुपये तय हुई। पीड़ित ने 1.65 लाख रुपये नकद जमा किए। बकाया धनराशि लोन के माध्यम से जमा की जानी थी। पंजीकरण और रोड टैक्स के एकमुश्त 48000 रुपये संजय सिंह को अलग से दिए गए। समस्त औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संजय सिंह ने 15 दिन में वाहन का पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया। मगर कई माह बीतने के बाद भी पंजीकरण के कागजात पीड़ित को नहीं दिए गए। हर बार टालमटोल की जाती रही। इस पर पीड़ित ने एआरटीओ कार्यालय जाकर पड़ताल की। वहां बताया गया कि संजय सिंह और उसके साथियों ने उसको गलत तरीके से धोखाधड़ी कर पुराने मॉडल का वाहन बेच दिया है। पंजीकरण के नाम पर रुपये भी गलत तरीके से ऐंठे गए हैं। बेचे गए वाहन का पंजीकरण कॉमर्शियल इस्तेमाल में नहीं हो सकता। वह काफी पुराना हो चुका है।
इसके बाद दुबारा संजय सिंह ने आश्वासन दिया और नकटादाना चौराहा पर बुलाकर 45000 रुपये और ले लिए। पांच मई 2016 को शाहजहांपुर से इस वाहन का परिवार के इस्तेमाल हेतु पंजीकरण कराकर दे दिया। यह पंजीकरण भी अस्थायी था, जबकि टैक्सी परमिट बनवाया जाना था। टैक्सी परमिट न बना होने के कारण इसका पीड़ित इस्तेमाल नहीं कर सका। 26 जून 2016 को संजय सिंह ने अपने अज्ञात साथियों संग आकर वाहन छीन लिया और दूसरे के नाम पर बेच दिया। इसमें पीड़ित के नाम से फर्जी प्रपत्र भी लगा दिए। इसके बाद से पीड़ित ने कई बार शिकायतें की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तीन माह पूर्व पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। तब जाकर अब कार्रवाई हो सकी है। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी राजेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आरोपी संजय सिंह, अमरोहा के गांव नैपुरा रजवपुर निवासी निरंकार सिंह समेत तीन के खिलाफ सोमवार रात रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।