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बरातघर का मामला उठाकर मेरे खिलाफ साजिश रची गई, मगर भ्रष्ट अफसरों को सजा दिलाकर रहूंगा

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पीलीभीत। एलान करके टाली गई प्रेस कांफ्रेंस में सोमवार को बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि डेयरी की जमीन पर बरातघर बनाने का मामला उठाकर उनके खिलाफ साजिश रचने की कोशिश की गई। मगर, उनका डेयरी के काम से कोई लेना देना नहीं है, न ही बरातघर बनाने से। वह डेयरी उनकी पुत्रवधू की है, उनका इस काम से कोई मतलब नहीं। इस साजिश से वह पीछे हटने वाले नहीं हैं, भ्रष्ट अफसरों को सजा दिलाकर रहेंगे।
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मंडी गेस्ट हाउस में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में विधायक ने कहा कि राजनीति उनको विरासत में नहीं मिली। वह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करके ही राजनीति में आए हैं। इस लड़ाई में चाहे उन्हें फांसी क्यों न हो जाए, पीछे नहीं हटेंगे। विधायक ने नजूल, वक्फ, ग्रीन बेल्ट की जमीनों पर भूमाफिया द्वारा प्लाटिंग कराने में अफसरों की संलिप्तता के आरोप भी लगाए।
अवैध खनन के लिए अनुमति देने वाले अफसर हो निलंबित
विधायक ने कहा कि जनपद में मिट्टी और रेत का खनन भूमाफियाओं द्वारा किया जा रहा है। बीसलपुर के गांव राजपुर कुंडरी, कर्रखेड़ा और ढुकुसी गांव में अवैध खनन करने वाले माफियाओं को कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेकर पहले अनुमति दी गई। फिर एसडीएम की रिपोर्ट पर कार्रवाई न करके उन्हें बचाया गया। माफिया को बचाने के लिए खनन की कई बार जांच हुई। एडीएम न्यायिक की जांच रिपोर्ट के बाद जुर्माना किसान पर लगा, माफिया साफ बच गए। विधायक ने कहा कि वह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। खनन की एक दिन में अनुमति देने वाले अफसरों का निलंबन किया जाए। माफिया और उनके गुर्गों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।
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जमीनों पर कब्जे कराकर की जा रही प्लाटिंग
विधायक ने आरोप लगाया कि पीलीभीत शहर के अंदर भूमाफिया को वक्फ, नजूल और ग्रीन बेल्ट की जमीनों पर अवैध कब्जे
कराकर प्लाटिंग कराई जा रही है। इन सब मामलों में अफसरों की संलिप्तता है। उसकी जांच होनी चाहिए।
विधायक निधि से हो रहे काम अटकाने को सचिव किया निलंबित
विधायक ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने जब बीसलपुर तहसील के पूर्ति कार्यालय में छापा मारा तो वहां एक दलाल मिला। उससे 22 राशन कार्ड और 6000 रुपये बरामद हुए। मामला पकड़ में आने पर पूर्ति निरीक्षक ने गलत नाम से तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई। हालांकि बाद में दलाल ही जेल भेजा गया, लेकिन पूर्ति निरीक्षक पर गलत एफआईआर लिखाने पर अब तक निलंबन की कार्रवाई नहीं हुई। विधायक का आरोप था कि उनकी इस बात से नाराज होकर विधायक निधि से निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल का काम रुकवाने को सचिव को निलंबित कर दिया और प्रधान के वित्तीय अधिकारी सीज कर दिए।
संघर्ष करके राजनीति में यहां तक आया हूं, लड़ता रहूंगा
विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार में सराबोर अफसरों की आंख का पानी मर गया है। विधायक ने उनके क्षेत्र में दुर्भावनावश विकास कार्य लटकाने, डेयरी की जगह बरातघर बताकर उन्हें ब्लैकमेल की साजिश रचने का भी आरोप लगाया और कहा कि वह बड़े से बड़े अफसरों की काली करतूतों को उजागर करने के लिए कृत संकल्प हैं। चाहे इसके लिए उनको कोई भी सजा मिले। विधायक बोले- अगर उनके पिताजी भी डकैती डालकर आएं तो वह यही कहेंगे कि उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए। कहा कि राजनीति उन्हें विरासत में नहीं मिली है। भ्रष्टाचार के इस दौर में वह संघर्ष करके ही राजनीति में यहां तक आए हैं। वह पहले भी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहे है। जब तक उनके शरीर में खून की एक भी बूंद बाकी है, वह भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ते रहेंगे। उसी के खिलाफ उनका शंखनाद है। भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाए बगैर वह चैन से नहीं बैठेंगे।
‘पहले डीएम का काम ठीक था, बाद में गड़बड़ हो गया’
विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि डीएम वैभव श्रीवास्तव का शुरूआती दौर में काम ठीक था, लेकिन बाद में सब कुछ गड़बड़ होता चला गया। विधायक ने कहा कि जब पहले एक बार वह डीएम से मिले तो उन्होंने कहा कि उनका ध्यान रखें तो उनका जवाब था कि अच्छे काम करोगे तो सब आपका ध्यान रखेंगे। विधायक ने कहा वह प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को इस बारे में अवगत करा चुके हैं। मुख्यमंत्री से भी मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी के कामों की जांच के लिए शासन से टीम बना दी है। वह आकर जांच करेगी। तब सच्चाई सामने आ जाएगी। हालांकि विधायक ने यह भी दोहराया कि डीएम से उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। वह केवल विकास और जनकल्याण में बाधक बनने की नीति के खिलाफ लड़ रहे हैं।
कौन साथ है, कौन नहीं, इस पर कुछ नहीं कहना
विधायक रामसरन वर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में कौन उनके साथ है, कौन नहीं, इस पर वह कुछ नहीं कहना चाहते। विधायक ने कहा कि विभीषण हर जगह हैं। अगर उनकी पार्टी में भी हैं तो उसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। विधायक ने कहा कि हो सकता है कि उनकी पार्टी में भी अवैध खनन कराने वाले, नजूल, वक्फ और ग्रीन बेल्ट की जमीनों पर कब्जा करने वाले हों, लेकिन वह उसका नाम नहीं बता सकते।
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