पीलीभीत। नागरिकता संशोधन कानून, महंगाई आदि मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत हुड़दंग करने का सपाई मंसूबा प्रशासन की सख्ती के चलते सफल नहीं हो पाया। प्रशासन ने सपाइयों का नेहरू पार्क में धरना नहीं होने दिया। पूर्व मंत्री हाजी रियाज अहमद को उनके कैंप कार्यालय में नजरबंद कर दिया गया। मजबूरी में पार्टी दफ्तर पर धरना देते सपाइयों ने जब ज्ञापन देने के लिए नेहरू पार्क की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष समेत 60 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस लाइन में बनी अस्थायी जेल में एक घंटे रखने के बाद रिहा कर दिया गया। वहीं अब धारा 144 के उल्लंघन पर एसपी ने सपा नेताओं पर एफआईआर के निर्देश दिए हैं।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सपाइयों ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को नेहरू पार्क में धरना-प्रदर्शन करने का एलान दो दिन पहले किया था। प्रशासन ने धारा 144 लागू होने का तर्क देकर सपाइयों को धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। मगर, सपाई धरना-प्रदर्शन पर अड़े रहे। प्रशासन की ओर से सपा का धरना-प्रदर्शन रोकने के लिए बुधवार शाम से ही पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए गए थे। बृहस्पतिवार सुबह से नेहरू ऊर्जा उद्यान में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। कड़े इंतजाम होने की वजह से सपाई धरनास्थल पर नहीं पहुंच पाए। सपाई नकटादाना चौराहा स्थित पार्टी कार्यालय पर इकट्ठे हुए। इसकी भनक लगते ही सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पुनिया, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल पुलिस बल के साथ सपा कार्यालय पहुंच गए। सपा नेता जैसे ही धरना स्थल पर जाने के लिए बाहर निकले, उनको अधिकारियों ने रोक लिया। इस दौरान अधिकारियों और सपा नेताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। सपा नेताओं ने धरना-प्रदर्शन रोकने के कदम को भाजपा सरकार की हिटलरशाही बताते हुए विरोध जताया और पार्टी कार्यालय गेट पर ही धरने पर बैठ गए। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सपाइयों ने अफसरों से जिद की कि उन्हें धरनास्थल पर जाने दिया जाए, वे वहीं पर ज्ञापन देंगे। अधिकारियों ने धारा 144 लागू होने का हवाला देकर नेहरू उद्यान जाने देने से साफ इनकार कर दिया। समझाने के बाद भी जब सपा नेता नहीं माने और आगे बढ़ने लगे तो प्रशासन ने सख्ती की।
पुलिस ने निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व विधायक पीतमराम, असलम जावेद अंसारी, डिंपल गौड़, इम्तियाज अलवी, तसलीम खां, विशाल वाल्मीकि, जगदेव सिंह जग्गा समेत 60 सपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। बसों से पुलिस लाइन में बनी अस्थायी जेल ले जाया गया, वहां सभी के नाम-पते दर्ज किए गए। करीब एक घंटे कैद रखने के बाद सभी को छोड़ दिया गया।
महिला सिपाहियों को किया आगे
सपा कार्यालय पर कार्यकर्ता बाहर निकलने की तैयारी कर रहे थे। तभी अधिकारियों ने सुरक्षा घेरा खींचना शुरू कर दिया। कोई धक्का-मुक्की न हो सके, इसके लिए महिला सिपाहियों को आगे कर दिया। महिला सिपाहियों को देख सपा के दिग्गज नेता पीछे हट गए।
अर्धनग्न हो गए कुछ कार्यकर्ता
पुलिस के गिरफ्तार करते ही कुछ युवा सपा नेताओं ने अर्धनग्न होकर विरोध दर्ज कराया। नोमान अली वारसी, जौहर अब्बास जैदी ने बस के भीतर पहुंचते ही अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
पुलिस को याद दिलाया लंच टाइम
पुलिस लाइन में बनी अस्थायी जेल में पहुंचते ही सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बुला लिया। कहा कि एक बजे लंच टाइम हो जाएगा। प्रशासन भोजन का इंतजाम कर ले। इस मांग को देखते हुए प्रशासन ने लंच टाइम से पहले ही छोड़ दिया।
नेहरू उद्यान बना छावनी
सपा के प्रदर्शन को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। सुबह से ही नेहरू ऊर्जा उद्यान को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सीओ सदर योगेंद्र कुमार, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, एसडीएम अविनाश मौर्य समेत कई अफसर फोर्स के साथ डटे रहे। एसपी अभिषेक दीक्षित ने भी भ्रमण कर हालात परखे। पूर्व मंत्री हाजी रियाज अहमद को तड़के लॉ कॉलेज स्थित कैंप कार्यालय में नजरबंद कर लिया। बुधवार रात भी सपा नेताओं के घरों पर पहुंचकर नोटिस दिए जाते रहे।
बोले..जन्मदिन मनाने एकजुट हुए कार्यकर्ता
सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पुनिया ने सपा कार्यालय पर भीड़ इकट्ठा करने पर धारा 144 लागू होने की बात कही तो निवर्तमान जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने कहा कि ये उल्लंघन की श्रेणी में नहीं। कार्यकर्ता तो उनका जन्मदिन मनाने के लिए कार्यकर्ता एकत्र हुए हैं। कहा कि सरकार घबराकर शांतिपूर्ण धरना भी नहीं करने दे रही।
निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर होगी एफआईआर
नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध को देखते हुए कड़े इंतजाम किए गए थे। सपा के धरने के दौरान निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों पर एफआईआर कराई जाएगी। सीओ को निर्देशित कर दिया गया है। - अभिषेक दीक्षित, एसपी