पीलीभीत। लेखपालों की हड़ताल पर छह माह तक प्रतिबंध लगाने के बाद भी लेखपालों के हड़ताल जारी रखने पर प्रशासन का रुख दूसरे दिन भी सख्त रहा। दूसरे दिन बीसलपुर और अमरिया तहसील के आठ लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया है। 112 लेखपालों को सर्विस ब्रेक कर दी गई है। इससे पहले मंगलवार को एसडीएम सदर द्वारा दो और एसडीएम पूरनपुर द्वारा 50 लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया था।
बीसलपुर के एसडीएम सौरभ दुबे ने लेखपालों को भड़काने और हड़ताल पर रहने के लिए प्रेरित करने समेत गंभीर आरोपों में लेखपाल संघ के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों को बर्खास्तगी का नोटिस और तहसील क्षेत्र के 72 लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी है। जबकि अमरिया के 40 लेखपालों की सर्विस ब्रेक की गई है। दोनों तहसीलों में 112 लेखपालों की सर्विस ब्रेक की गई है।
बीसलपुर एसडीएम ने बताया कि लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष विदित गंगवार और तहसील महामंत्री आशीष निषाद तहसील के लेखपालों को भड़काकर हड़ताल पर रहने को प्रेरित कर रहे हैं। दोनों नेताओं के भड़काने के कारण तहसील के सभी 83 लेखपाल हड़ताल पर हैं। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। एसडीएम ने इन कर्मचारी नेताओं की संदिग्ध गतिविधियों की जांच तहसीलदार विजय त्रिवेदी से कराई। जिसमें कर्मचारी नेता दोषी पाए गए। एसडीएम ने दोनों कर्मचारी नेताओं को बर्खास्तगी का नोटिस दिया है और 72 लेखपालों की सर्विस ब्रेक की गई है। नौ लेखपाल धरना छोड़कर ड्यूटी पर वापस आ गए। उधर, अमरिया में प्रभारी तहसीलदार शेरबहादुर सिंह ने छह लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस दिया है। अमरिया के 40 लेखपालों को सर्विस ब्रेक का नोटिस भी दिया गया है।
एस्मा लगा दो, चाहे भेजो जेल...आंदोलन नहीं होगा फेल
उत्तरप्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले आठ सूत्री मांगों को लेकर सभी पांच तहसीलों के लेखपालों ने प्रशासनिक कार्रवाई को नजरदांज करते हुए तीसरे दिन भी नेहरू ऊर्जा उद्यान में हड़ताल कर धरना दिया। लेेखपालों की हड़ताल को राजस्व निरीक्षक संघ जिलाध्यक्ष वशीर अहमद ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया और लेखपालों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर की कड़े शब्दों में निंदा की। हड़ताली लेखपालों ने एक स्वर में मांगों से संबंधित शासनादेश जारी न होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। धरना देने वालों में अशोक गंगवार, ज्वाला प्रसाद राठौर, अनुराग मिश्रा, उमेश चंद्र, झम्मनलाल समेत जिले भर के लेखपाल मौजूद रहे।