पीलीभीत। उन्नाव कांड के बाद महिला अपराध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख अपनाने के बाद अब जनपद में इसे बेहतर बनाने पर जोर दिया जाने लगा है। शोहदों को सबक सिखाने के लिए महिला पुलिस को कमान सौंपी जाएगी। महिला उत्पीड़न से जुड़ी एफआईआर में कार्रवाई से पीड़िताएं संतुष्ट हैं या नहीं, खुद एसपी उनको कॉल कर पता लगाएंगे। इसके लिए पूरा डाटा तैयार कराया जा रहा है। चोरी और लूटपाट की घटनाओं को लेकर भी गश्त और बीट सिपाही को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
सोमवार रात मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था को लेकर कसा था। लूटपाट और खासकर महिला अपराध रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। लापरवाही करने पर कार्रवाई को तैयार रहने की चेतावनी दी थी। इसके बाद मंगलवार को पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री से मिले निर्देशों के आधार पर सुरक्षा खाका बनाने में जुट गए। इसके तहत अब महिला अपराध से जुड़ी एफआईआर का डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसमें अब एसपी समेत अन्य अधिकारी सीधे पीड़िताओं को कॉल कर उनसे कार्रवाई के बारे में जानेंगे। यह भी पूछा जाएगा कि पुलिस की कार्यशैली उनके प्रति क्या रही। युवतियों और महिलाओं की मुसीबत बने शोहदों पर शिकंजा कसने को भी सख्ती की जाएगी। कागजी कार्रवाई से हटकर अब शोहदों को धरातल पर चेक किया जाए। स्कूल-कॉलेजों के पास बेवजह घूमने वालों को जब चेक करें तो अलर्ट रहे। उनकी हैंड्सअप कराकर चेकिंग करने के निर्देश दिए। हर थाना प्रभारी क्षेत्र में पांच अलग-अलग प्वाइंटों पर प्रतिदिन चेकिंग करेगा। बीट का सिपाही अपनी बीट पर प्रतिदिन जाएगा। इसके अलावा रात में अगर कोई महिला या युवती को कोई दिक्कत आती है तो वह कॉल कर मदद ले सकेगी। उसको भी पूरा सहयोग पुलिस करेगी। गश्त को बढ़ाने के भी निर्देश दिए। एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि महिला अपराध की रोकथाम को सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसको और बेेहतर बनाने के लिए रणनीति बनाई है। एंटी रोमियो स्क्वाड को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।