गन्ने की कटाई तेजी से शुरू हो चुकी है। जंगल किनारे के खेतों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना होने की आशंका के चलते टाइगर रिजर्व प्रशासन भी सतर्क हो गया है। महोफ रेंजर ने जंगल किनारे गांवों में गोष्ठी कर गांव वालों को सचेत करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि किसान पहले अपने गन्ने के खेत में हिंसक पशु जैसे बाघ, तेंदुआ या अन्य वन्यजीव की तलाश करें। वन्यजीव की आहट न मिले तभी निश्चिंत होकर गन्ने की कटाई करें। यानी वन विभाग ने सब कुछ किसानों के ऊपर ही छोड़ दिया है। हिंसक जानवरों से किसानों की सुरक्षा के लिए वन विभाग कुछ नहीं करेगा।
चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होने के साथ खेतों में गन्ने की कटाई भी तेजी से चल रही है। जंगल के किनारे खेतों में भी गन्ने की फसल खड़ी है, लेकिन इनमें आए दिन हिंसक वन्यजीवों का आवागमन बना रहता है। बाघ, तेंदुए समेत अन्य हिंसक पशु आए दिन न केवल जानवरों बल्कि इंसानों पर हमलावर होते रहते हैं। गन्ने के खेत में हिंसक वन्य जीवों का आवागमन अधिक रहता है। ऐसे में वन्यजीवों के गन्ने की छिलाई कटाई करने वाले किसानों पर हमले की आशंका अधिक बनी रहती है।
गन्ने के खेतों में वन्यजीवों की मौजूदगी से टाइगर रिजर्व प्रशासन की धड़कनें भी बढ़ी हैं। जंगल से निकले वन्यजीव अक्सर अपने शिकार को पीछा करते हुए गन्ने के खेतों में पहुंच रहे हैं और वहीं ठहरकर अपने शिकार का इंतजार करते हैं। ऐसे में गन्ने की कटाई के दौरान मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेज होने की आशंका है। पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी है। टाइगर रिजर्व प्रशासन बाघ सुरक्षा माह के तहत जंगल से सटे गांवों में केवल गोष्ठियां करने में लगा है। बाघों को आबादी इलाके में जाने से रोकने के लिए वन विभाग के पास ठोस इंतजाम नहीं हैं।
वन विभाग की ओर से महोफ रेंजर आरिफ जमाल ने रेंज के सभी वनकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करें कि जंगल किनारे बसे किसानों पहले अपने खेत में अच्छी तरह से जांच पड़ताल करें कि कहीं उनके खेत में कोई वन्यजीव तो नहीं है। इसके बाद ही गन्ने की कटाई शुरू करें। यदि खेत में वन्यजीव है तो इसकी सूचना तत्काल दें। ताकि मानव-वन्यजीव हिंसा को रोका जा सके।
जंगल किनारे खेतों में अक्सर बाघ या अन्य वन्यजीव होने के मामले प्रकाश में आते रहते हैं। इसको लेकर वनकर्मियों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। -आरिफ जमाल, रेंजर, महोफ