पीलीभीत/ माधोटांडा (पीलीभीत)। देर आए, दुरुस्त आए। अब जाकर एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेेशन ऑफ अथॉरिटी) ने चूका बीच समेत सभी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के कोर एरिया में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार अभी आदेश के क्रियान्वयन में चार से पांच साल का वक्त लग सकता है। फिलहाल चूका बीच में अभी पर्यटक रात में भी ठहर सकेंगे।
चूका बीच में वाइल्ड लाइफ प्रभावित न हो, अक्तूबर में एनटीसीए ने इस मामले में गंभीरता से लेते हुए चूका बीच में बनी हटों में पर्यटकों के रात में ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया है। वन अफसरों के मुताबिक एनटीसीए के आदेश का पालन होगा, लेकिन अभी इसमें चार-पांच साल का वक्त लगेगा। अफसरों के मुताबिक टाइगर रिजर्व प्रशासन राज्य सरकार के माध्यम से एनटीसीए को प्रस्ताव भेजकर चार-पांच साल समय मांगने की तैयारी कर रहा है। साफ हो गया है कि पर्यटकों के चूका बीच में रात्रि विश्राम करने पर फौरी तौर पर कोई पाबंदी नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है अभी पर्यटक इस सत्र ही नहीं बल्कि अगले सत्र में भी यहां रात में ठहर सकेंगे।
टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में जिस वक्त इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच विकसित किया गया था, उस दौरान टाइगर रिजर्व नहीं बना था। यहां का जंगल मात्र आरक्षित वन के रूप में था। वर्ष 2014 में जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। जिसके बाद यहां कई मंत्री और शासन के बड़े आला अफसर पहुंचे थे। उनके साथ गाड़ियों के काफिले भी आते रहे। इससे वन विभाग दबी जुबान से वाइल्ड लाइफ प्रभावित होने की बात कहता रहा है। अमर उजाला ने भी वाइल्ड लाइफ प्रभावित होने को दृष्टिगत रखते हुए इस मुद्दे को कई बार प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
20 दिसंबर से 10 जनवरी तक सभी हटें एडवांस बुक
टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक चूका की सभी छह हटें 20 दिसंबर से लेकर 10 जनवरी तक एडवांस में बुक हैं। करीब 150 पर्यटक रात्रि विश्राम भी करेंगे। आगे भी बुकिंग होती रहेगी।
एनटीसीए ने देश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में रात्रि में पर्यटकों के ठहरने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है, लेकिन इसका अनुपालन करने में अभी करीब चार-पांच साल का वक्त लगेगा। फिलहाल अभी चूका बीच में पर्यटकों के रात में ठहरने पर कोई पाबंदी नहीं है।
नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व प्रशासन