पीलीभीत। मंडी से लेकर ग्रामीण अंचलों के क्रय केंद्रों पर धान की आवक कम होती जा रही है। किसानों के पास धान तो पहले ही खत्म हो चुका है। अब सरकारी क्रय केंद्रों पर बिचौलिए और राइस मिलर किसानों से खरीदा सस्ता धान सरकारी रेट पर बेचने में लगे हैं। धान की आवक न होने पर सात क्रय एजेंसियों के 26 धान सेंटरों को प्रशासन ने बंद करा दिया। इससे पहले प्रशासन 16 सरकारी केंद्र बंद करा चुका है। डीएम ने उक्त सात क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को सेंटर बंद होने की सूचना चस्पा करने के साथ क्षेत्र के अवशेष धान को समीप के क्रय केंद्र पर बिकवाने का निर्देश दिया है।
शासन ने जिले में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू करने के आदेश दिए थे। इस बार पीलीभीत को 3.08 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। सीजन प्रारंभ होते ही पहली अक्टूबर से आठ क्रय एजेंसियों के 147 क्रय केंद्रों पर धान खरीद की गई। धान न आने के चलते हाल ही में 16 धान सेंटरों को बंद किया गया था। इसके बाद से 131 धान सेंटर पर खरीद की जा रही है। दलाल बिचौलियों की धान बिक्री पर रोक लगाने के मकसद से प्रशासन ने 26 क्रय केंद्र बंद करने की घोषणा की। सात क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों ने धान सेंटरों की बंद कराने के आदेश दिए गए। धान की आवक कम होने की रिपोर्ट मिलने पर इन सेंटरों की जांच कराई गई। जांच में सेंटरों पर धान की आवक होना नहीं पाया गया। इसके बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने धान की आवक न होने वाले 26 धान सेंटरों को बंद कर दिया। इसमें आठ सेंटर पीसीयू, सात यूपीएसएस, चार पीसीएफ, दो-दो सेंटर नेकॉफ और भारतीय खाद्य निगम और एक सेंटर ग्रीन अर्थ एजेंसी का है।
डीएम ने बंद किए गए क्रय केंद्रों के जिला प्रबंधक और केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अपने खरीद केंद्र पर सूचना चस्पा करते हुए किसानों से खरीद किए गए धान संबंधी सूचना जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। यदि क्षेत्र के किसी किसान का धान बिक्री के लिए अवशेष रह गया है तो उसे निकटवर्ती क्रय केंद्र पर बिक्री करा सकते हैं। इधर 26 सेंटर बंद होने के बाद अब 105 धान सेंटर ही संचालित होंगे।
धान की आवक न होने के कारण 26 क्रय केंद्र और बंद किए गए हैं। सभी सात क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों और केंद्र प्रभारियों को इससे अवगत करा दिया गया है। -अविनाश कुमार झा, डिप्टी आरएमओ