पीलीभीत। सहपुरा गांव के एक परिवार के चार सदस्यों ने बरखेड़ा पुलिस के खिलाफ सोमवार से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। पीड़ितों ने खुद की ओर से पूर्व में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोपियों की गिरफ्तारी, बरखेड़ा थानाध्यक्ष पर कार्रवाई और परिवार के सदस्यों पर लिखी फर्जी रिपोर्ट को निरस्त करने की मांग की है।
टनकपुर हाईवे पर नेहरू ऊर्जा उद्यान में भूख हड़ताल पर बैठने वालों में बरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव सहपुरा निवासी ऊषा देवी, उनके पिता हुलासीराम, भाभी आशादेवी, त्रोवदी देवी हैं। ऊषा देवी ने बताया कि उनके भतीजे राजू की साल 2010 में हत्या हुई थी। इसकी रिपोर्ट गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ एक साल बाद 2011 में कोर्ट के आदेश पर लिखी गई थी। इसके बाद से उनकी दूसरे पक्ष से रंजिश चली आ रही है। 11 अक्तूबर को उनके साथ मारपीट की गई। इसकी एफआईआर बरखेड़ा थाने में दर्ज है। आरोप है कि 31 अक्तूबर को पुलिस ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर पीड़िता के तीन भाइयों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बरखेड़ा पुलिस पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
थानाध्यक्ष बोले, पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश
थानाध्यक्ष बरखेड़ा बृज किशोर मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच कुछ दिन पहले झगड़ा हुआ था, इसमें 17 लोग शांतिभंग की आशंका में चालान किए गए थे। धरने पर बैठने वाला पक्ष आपराधिक प्रवृत्ति का है। उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। दोनों पक्षों की रिपोर्ट की अभी जांच चल रही है। सांठगांठ और अभद्रता के आरोप निराधार हैं। पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
पता लगा है कि धरने पर गए परिवार के खिलाफ कई संगीन एफआईआर दर्ज हैं। इसको लेकर पूरी डिटेल थाना पुलिस से तलब की गई है। गहनता से परीक्षण कर अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। - अभिषेक दीक्षित, एसपी