पीलीभीत। डेंगू आम आदमी से लेकर वीआईपी पर भी आक्रमण कर रहा है। दो स्वास्थ्य कर्मियों में डेंगू के लक्षण मिलने के बाद अब जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं पूरनपुर में कोतवाल एसके सिंह समेत सात मरीजों में संभावित डेंगू के लक्षण मिले हैं। इसमें शिक्षक नेता की पत्नी और पुत्र भी शामिल हैं। डेंगू के तीन मरीजों को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया है। फिलहाल, डेंगू या अन्य बुखार से दहशत में आए लोगों में हड़कंप मचा है।
दो दिन पूर्व सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक नीरज श्रीवास्तव और जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स निधि को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया था। इन दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के साथ इनके ब्लड सैंपल जांच को बरेली भेजे गए हैं। इधर, जिला अस्पताल में ओपीडी देख रहे वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. महावीर सिंह को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है। वह जिला अस्पताल में ही भर्ती हैं। एलाइजा टेस्ट के लिए सैंपल भेजा जा रहा है।
पूरनपुर। तीन दिन पहले बिलसंडा से स्थानांतरण होकर आए कोतवाल एसके सिंह को बुखार ने चपेट में ले लिया। नगर के एक प्राइवेट डॉक्टर से उन्होंने इलाज शुरू कराया। सीओ कमल सिंह ने बताया कि कोतवाल को संभावित डेंगू हो गया है। शिक्षक नेता गांव सुआबोझ निवासी संतोष कुमार नगर की शांतीपुरम कॉलोनी में रहते हैं। उनकी पत्नी सुमन लता (40) और पुत्र प्रखरदीप (10) को तीन दिन पहले बुखार से चपेट में ले लिया। मां-बेटा को इलाज के लिए पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। हालत में सुधार न होने पर दोनों को शनिवार को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया है। शिक्षक नेता संतोष कुमार ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी पत्नी और पुत्र को डेंगू होने की पुष्टि की। रोटरी क्लब पूरनपुर ग्रीन के संस्थापक अध्यक्ष अशोक कॉलोनी निवासी डॉ. दिनेश की पुत्री निखिता गुप्ता को डेंगू होने की पुष्टि हुई। डॉ. दिनेश गुप्ता ने बताया कि जांच में पुत्री में डेंगू के लक्षण मिले हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कॉलोनी निवासी विनीत गुप्ता, रितिका अग्रवाल, ईशान अग्रवाल को बुखार के चलते डाक्टरों ने डेंगू होने की जानकारी दी। विनीत को बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।