पीलीभीत। शहर और ग्रामीण इलाके में डेंगू और तेज बुखार का कहर थम नहीं रहा है। शहर के सटे गांव नौगवां पकड़िया में तेज बुखार और डेंगू ने दस्तक दे दी। यहां डेंगू पीड़ित महिला की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। महिला के पति समेत परिवार के चार सदस्यों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इसके अलावा गांव के पांच अन्य मरीज भी डेंगू के चपेट में हैं। डेंगू या बुखार पीड़ित सरकारी सिस्टम पर विश्वास न कर झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग संक्रामक रोगों की सघन मॉनीटिरिंग की बात कह रहा है। पूरनपुर में भी तेज बुखार से पीड़ित आठ वर्षीय बालिका आसफा की मौत हो गई।
संक्रामक रोगों के फैलने का सिलसिला जारी रहा। पूरनपुर, न्यूरिया, अमरिया, बीसलुपर के बाद अब डेंगू ने शहर से सटे ग्राम पंचायत नौगवा पकड़िया में दस्तक दी है। गांव के रामचरन की 65 वर्षीय पत्नी दिवना देवी को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया था। महिला का इलाज शहर के ही एक अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह दिवना देवी की मौत हो गई। महिला का पति रामचरन, पुत्रवधू शकुंतला देवी, पुत्री राजेश्वरी देवी और पौत्री रीना भी डेंगू की चपेट में हैं। इसके अलावा गांव निवासी आदित्य सक्सेना की 35 वर्षीय पत्नी विनीता सक्सेना, 60 वर्षीय मिड़ई लाल, मदनलाल का पुत्र रंजन दुबे, इरफान की पत्नी शबनम और पुत्र आबिद में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। गांववालों ने बताया कि इन मरीजों के अलावा कई अन्य मरीज हैं जो प्राइवेट डाक्टरों से इलाज करा रहे हैं। इधर, गांव में डेंगू फैलने की सूचना से लोगों में हड़कंप मचा है।
पलंग नहीं मिला तो जमीन पर लेटकर करा रहे इलाज
नौगवा पकड़िया में संक्रामक रोगों से जुड़े मरीजों की संख्या इतनी अधिक है कि ग्राम पंचायत की एक क्लीनिक में ही करीब 150 मरीज बेड पर लेटे दिखे। यहां मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कई मरीज बेड न मिलने पर जमीन पर लेटकर अपना इलाज करा रहे हैं। डॉक्टर साहब भी इतने दयालु निकले कि उन्होंने अपना बेडरूम और ड्राइंग रूम भी मरीजों को दे दिया है। जो नए मरीज आ रहे हैं उन्हें टेंट हाउस से गद्दे मंगाकर जमीन पर लिटाकर ही ड्रिप लगाई जा रही है। मरीजों में बताया कि डेंगू के मरीज चार से पांच हजार रुपये में ठीक हो रहे हैं। हालांकि यह क्लीनिक रजिस्टर्ड है या नहीं, यह तो स्वास्थ्य विभाग की बता सकता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
एक महीना पहले दवा का छिड़काव, अब गंदगी के ढेर
ग्राम पंचायत नौगवा पकड़िया की आबादी 25 हजार से अधिक है। संक्रामक रोग फैलने के बाद भी यहां साफ सफाई नहीं हुई है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। सड़कों और खाली पड़े प्लाटों में गंदा पानी भरा है। प्रधान फूल बी का कहना है कि सात सफाई कर्मी हैं, लेकिन दो की ड्यूटी कांशीराम कॉलोनी और एक की ईदगाह में लगी है। चार सफाई कर्मी ही सफाई की खानापूरी करते हैं। प्रधान पति गुड्डू ने बताया कि ब्लॉक की तरफ से करीब एक माह पहले गांव में दवा का छिड़काव किया गया था। इसके बाद कोई टीम नहीं पहुंची।
नौगवा पकड़िया में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज दी गई है। मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी। जो संदिग्ध मरीजों होंगे उनका सैंपल बरेली भेजा जाएगा।
डॉ. अश्विनी गुप्ता, नोडल, अधिकारी, संक्रामक रोग
संक्रामक रोगों पर रोकथाम के पूरे प्रयास चल रहे हैं पूरनपुर और न्यूरिया में हाई अलर्ट कर दिया गया है। टीमों को क्षेत्रों में भेजकर सघन मानीटरिंग कराई जा रही है। जो संदिग्ध मिल रहे हैं उनकी ब्लड स्लाइड बनाकर जांच की जा रही है।
डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 119 डेंगू के मरीज पाए गए। इनमें 13 मरीजों में डेंगू के लक्ष्णों की पुष्टि हो चुकी है। 41 मरीजों की रिपोर्ट आई, जिसमें डेंगू नहीं पाया गया है। 65 शेष मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।