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विधिक राय के बाद होगी मदरसे में पशु हत्या के मामले में कार्रवाई

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मदरसे में अवैध तरीके से पशुओं की निर्मम हत्या के मामले में मदरसा संचालक की नामजदगी न करने पर फजीहत के बाद भी पुलिस कार्रवाई से बचने की जुगत में है। पुलिस अफसरों ने अब यू-टर्न लेते हुए कार्रवाई के 24 घंटे बाद अब विधिक राय लेने की बात कहकर साख बचाने की कवायद में हैं। हालांकि, पुलिस महकमे की ओर से स्पष्ट निर्णय नहीं लिए जाने से साख पर सवालिया निशान बरकरार है।
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मोहल्ला भूरे खां के मदरसे में रविवार सुबह कोतवाली पुलिस के छापे में अवैध तरीके से पशुओं का कटान किया जाना पकड़ा था। मौके से दो लोगों की गिरफ्तारी र्हुई थी। पकड़े गए लोगों का आरोप कहना था कि उन्हें मजदूरी पर पशुओं की हत्या के लिए मदरसा संचालक मौलाना जरताब रजा खां ने बुलाया था। हालांकि, मजदूरों के बयान नजरंदाज कर पुलिस ने दर्ज हुई एफआईआर से मदरसा संचालक को बाहर रखा। वहीं, दूसरे दिन भी मदरसा संचालक के खिलाफ कार्रवाई पर पुलिस चुप्पी साधे हुए है। अब विधिक राय के बाद ही कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
सवाल है कि बेहद संगीन मामले में सुबूत और गवाह दोनों की मौजूदगी के बाद भी आखिर क्यों पुलिस कार्रवाई की दिशा तय नहीं कर सकी। मदरसा संचालक ने सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना था कि प्रशासन को मदरसे में जाबिया होने की हर साल लिखित में जानकारी दी जाती रही है, जबकि अधिकारी इसको लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं। अगर ये सब बिना अनुमति चल रहा था तो अब तक प्रशासन की ओर से एतराज क्यों नहीें किया गया? क्या प्रशासन की ओर से दी गई अनुमति में इसको शामिल किया गया है?
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आरोपियों को थाने से छोड़ा
पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पकड़े गए दोनों आरोपियों को थाने से जमानत देकर छोड़ दिया। अमूमन पुलिस ऐसे मामलों में शांतिभंग की आशंका में आरोपियों का चालान करती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया? इस प्रकरण के बाद पुलिस भी कटघरे में खड़ी होते दिख रही है। साथ ही, यह प्रकरण लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मदरसा संचालक पर कार्रवाई की मांग, धरने की चेतावनी
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, हिंदू जागरण मंच समेत कई संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने संबंधित प्रकरण पर डीएम-एसपी को ज्ञापन सौंपा। इसमें घटना की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पकड़े गए आरोपियों को साठगांठ कर छोड़ने और मदरसा संचालक को बचाने का आरोप लगाया गया। उनका कहना था कि मदरसा संचालक रसूखदार और पहुंच वाला है। मदरसे से गोकशी होने के भी आरोप लगाए गए। ऐसे में मदरसे में चल रही गतिविधियों की गहनता से जांच कराने और संचालक समेत इसमें शामिल अन्य लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। ऐसा न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मदरसा संचालक बोले- ये मेरे खिलाफ साजिश
मदरसा संचालक मौलाना जरताब रजा खां का कहना है कि हमारी तरफ से हर साल लिखित में जाबिया के बारे में प्रशासन जानकारी दी जाती रही है। गोवंश की हत्या का हमेशा विरोध किया गया है। मेरे द्वारा बीते लोस चुनाव में भाजपा को लड़ाया गया। इससे भी कुछ मुस्लिम नेता बौखला गए हैं। इसी के चलते साजिशन फंसाने और बदनाम करने की साजिश है। अगर ये गलत है, तो सिस्टम ने आज तक एतराज क्यों नहीं किया।
इस मामले में विधिक राय ली जा रही है। उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस किसी को न बचा रही है, न ही बेवजह फंसाने का काम किया जा रहा है। - रोहित मिश्र, एएसपी
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