डेंगू और तेज बुखार जैसे संक्रामक रोगों को रोकने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। डेंगू ने जहानाबाद में 50 वर्षीय महिला की जान ले ली। डेंगू पीड़ित 20 वर्षीय युवक की दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती एक बालिका में भी डेंगू के लक्षण पाए गए है। इसके अलावा न्यूरिया में भी दो नगर पंचायत सदस्यों समेत तीन में डेंगू के लक्षण मिले हैं। पीलीभीत में डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 59 तक पहुंच गई है। मलेरिया विभाग की टीम ने न्यूरिया पहुंचकर 35 बुखार के मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए बरेली भेजे हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि इनमें से कितने मरीजों को डेंगू है और कितने को सामान्य बुुुखार है।
डेंगू और तेज बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अमरिया ब्लॉक के गांव परेवा वैश्य निवासी हरद्वारी लाल के 20 वर्षीय पुत्र संतोष कुमार को 20 दिन पूर्व तेज बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। गांव में इलाज कराने पर कोई फायदा नहीं हुआ तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब यहां भी फायदा नहीं हो पाया तो उसे रुहेलखंड मेेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। वहां जांच मेें डेंगू समेत अन्य बीमारियां पाई गई। इसके बाद संतोष के परिवार वाले उसे दिल्ली लेकर गए। वहां के अस्पताल में इलाज के दौरान संतोष की मौत हो गई। संतोष जीएम इंटर कॉलेज अमखिड़िया में कक्षा 12 का छात्र था। इधर जहानाबाद के मोहल्ला सादात निवासी 50 वर्षीय रियाजी बेगम को भी पिछले कुछ दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार शाम उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। हालत देख परिवार वाले पीलीभीत के एक अस्पताल में लेकर आए। वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पुत्र असलम के मुताबिक उसकी मां की मौत तेज बुखार से हुई है।
बालिका में मिले डेंगू के लक्षण, भर्ती
शहर के मोहल्ला डालचंद निवासी पंकज शर्मा की 13 वर्षीय पुत्री शिवे शर्मा को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। परिवार वालों ने शिवे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालिका की मां विनीता शर्मा के मुताबिक डॉक्टरों ने डेंगू के लक्षण मिलने की बात कही है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व शिवे के पिता पंकज शर्मा में भी डेंगू के लक्षण पाए गए थे, लेकिन अब वे ठीक हैं।
दो वार्ड सदस्यों समेत तीन में मिले डेंगू के लक्षण
न्यूरिया कस्बा निवासी नगर पंचायत सदस्य शौकत अली और अब्दुल सत्तार को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा मोहल्ला तिगड़ी निवासी अफसर की आठ वर्षीय पुत्री उजैफा को तीन दिन बुखार आया था। पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में हुई जांच के बाद उजैफा में डेंगू के लक्षण होने की पुष्टि की गई थी। इधर सूचना पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम न्यूरिया पहुंची। टीम में न्यूरिया सीएचसी के प्रभारी डॉ. एएच अंसारी और सहायक मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य अफसर के घर पहुंचे। यहां घर में रखे एक पुराने घड़े की जांच की गई। जांच के दौरान घड़े में भरे पानी में डेंगू की लार्वा पाया गया। टीम ने पूरे घर के अलावा आसपास क्षेत्र में दवा का छिड़काव कराया। सहायक जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्य ने बताया कि 35 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। इन सभी सैंपलों को जांच के लिए बरेली भेजा गया है।
संक्रामक रोगों पर रोकथाम के पूरे प्रयास चल रहे हैं। न्यूरिया में डॉक्टरों की टीम भेजकर मरीजों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। युवक और महिला की मौत के मामले में अमरिया सीएचसी के डॉक्टर लोकेश कुमार से रिपोर्ट मांगी गई है।
वीबी राम, प्रभारी सीएमओ