माधोटांडा( पीलीभीत)। नेपाल की ओर से टाइगर रिजर्व के लग्गा-भग्गा क्षेत्र में एक माह से उत्पात मचा रहे नेपाली हाथी अब किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। शनिवार रात जंगल से बाहर आकर हाथियों ने गोरख डिब्बी गांव में पहले तो किसानों की फसलें रौंदी। इसके बाद आबादी में पहुंचकर आधा दर्जन ग्रामीणों की झोपड़ियां तहस-नहस कर दीं। सौर ऊर्जा की प्लेटों को भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। कई ग्रामीणों की गौढ़ियां (पशुशालाएं) उजाड़ दीं। इससे लेकर गांव में दहशत है।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा का जंगल है। नेपाल की खुली सीमा होने के चलते नेपाली हाथी अक्सर जनपद सीमा में प्रवेश कर चहल कदमी करते आए हैं। इधर, पिछले एक माह से नेपाल की ओर से आए दो हाथी लग्गा भग्गा क्षेत्र में शरण लिए हुए हैं। रात होते ही हाथी जंगल से बाहर निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, गोरख डिब्बी क्षेत्र में किसानों की फसलें रौंद रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए परेशान ग्रामीण स्वयं तो प्रयास कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर से मात्र दावे ही किए जा रहे हैं। यही वजह है कि रोकथाम ना होने से हाथियों में सक्रियता लगातार बढ़ रही है। शनिवार रात जंगल से बाहर आए हाथी लग्गा भग्गा वन चौकी क्षेत्र से होकर गोरख डिब्बी की सीमा में पहले तो कुछ देर तक फसलों को रौंदा। इसके बाद किसान जय नारायण की एक झोपड़ी और उसमें लगी सौर ऊर्जा की प्लेट को हाथियों ने तहस-नहस करने के साथ 4 क्विंटल गेहूं भी बर्बाद कर दिए। इसके अलावा समीर का छह कट्ठा यूरिया, अलाउद्दीन की दो झोपड़ी सहित लगभग आधा दर्जन ग्रामीणों की झोपड़ी व सौर ऊर्जा की प्लेट हाथियों ने तहस नहस कर दीं। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का स्वभाव काफी खतरनाक दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि विभाग को समय रहते इसकी रोकथाम कर लेनी चाहिए, नहीं तो यह आफत मिला जाएंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि काफी शोर-शराबा करने के बावजूद कोई भी बन कर्मी क्षेत्र में नहीं आया। स्वयं ही हाथी वापस जंगल की ओर निकल गए।
पिछले लंबे समय से हाथी क्षेत्र में उत्पात मचा रहे हैं रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए गए यही वजह है कि अब हाथी आबादी में घुसकर झोपड़ियों को तहस-नहस कर रहे हैं। इस पर जल्द ही अंकुश लगाना चाहिए। - श्यामल राणा
हाथी रोजाना रात में आबादी के निकट आ रहे हैं। फसलों को रौंदने के साथ आबादी की ओर आने के भी प्रयास कर रहे थे, लेकिन हम लोग शोर-शराबा कर उनको नहीं आने दे रहे थे, लेकिन बीती रात हाथियों ने आबादी में जमकर उत्पात मचाया है। - परिमल
हाथियों की बढ़ती सक्रियता को ध्यान में रखते हुए नौजल्हा वन चौकी के स्टाफ को सक्रिय किया गया है। हाथियों पर पूरी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। रात में आती कोई नुकसान ना पहुंचा सके जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। - दिनेश कुमार गोयल, रेंजर बराही