शासकीय धनराशि का दुरुपयोग को ठेकेदार और सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में मानक ताक पर रखकर घटिया सामग्री का प्रयोग कराया। पता चलने पर तीन दिन पूर्व ग्रामीणों ने हंगामा और नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया तो अफसर हरकत में आ गए। बुधवार को घटिया सामग्री से तैयार नींव तुड़वा दी गई, लेकिन आरोपी सचिव और ठेकेदार को बचाने के लिए अफसर खेल कर गए। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।
मामला ललौरीखेड़ा की ग्राम पंचायत जिरौनिया के सैमर गौंटिया में निर्माणधीन आंगनबाड़ी केंद्र का है। करीब सात लाख की लागत से भवन का निर्माण होना है, लेकिन सचिव ने कमीशनखोरी के चक्कर में ठेकेदार से सांठगांठ कर मानकों को ताक पर रख दिया। भवन की नींव पीली ईंटों और घटिया सामग्री का प्रयोग कर बनवा दी। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का पता चलने पर ग्रामीणों ने सचिव, रोजगार सेवक और ठेकेदार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। खास बात यह है कि सचिव ने घटिया सामग्री भूल से लगने की बात स्वीकार की। इधर, बुधवार को विभागीय अफसर हरकत में दिखे। आननफानन में पीली ईंटों और घटिया सामग्री का प्रयोग कर तैयार की गई नींव तुड़वा दी गई। अब सचिव और ठेकेदार पर कानूनी शिकंजा भी कसा जाएगा। डीपीओ अरविंद कुमार ने बताया कि मानक के अनुरूप कार्य नहीं करने पर नींव तुड़वा दी गई है। मामले की जांच हर स्तर पर की जा रही है। सचिव और ठेकेदार पर भी सख्ती कार्रवाई होगी। घटिया सामग्री पर खर्च हुई धनराशि की रिकवरी भी की जाएगी।