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नेपाली हाथियों का उत्पात, तीन झोंपड़ियां उजाड़ीं, फसलें भी रौंदीं

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माधोटांडा (पीलीभीत)। शारदा नदी के पार आए छह नेपाली हाथियों के झुंड का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। फसलों को उजाड़ने के साथ हाथी आबादी क्षेत्र के नजदीक पहुंचकर झोंपड़ियों को तहस-नहस कर रहे हैं। शनिवार रात लग्गा-भग्गा जंगल के बाहर आबादी के नजदीक पहुंचकर हाथियों ने ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव के तीन ग्रामीणों की झोंपड़ी तोड़ दी और फसलों को रौंद डाला। हाथियों के बढ़ते उत्पात के चलते ग्रामीण परेशान हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव पड़ता है। गांव में अधिकतर थारु जनजाति के परिवार रहते हैं। गांव से कुछ दूरी पर लग्गा भग्गा का जंगल स्थित है। इंडो नेपाल बॉर्डर सीमा होने के चलते शुक्लाफॉटा सेंचुरी के हाथी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर लग्गा भग्गा क्षेत्र की ओर आ जाते हैं। वैसे तो तीन माह पूर्व से दो हाथी शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा क्षेत्र में जमकर उत्पात मचा रहे थे, लेकिन चार दिन से हाथियों की संख्या बढ़ गई है। नेपाल से छह हाथी लग्गा-भग्गा क्षेत्र में पहुंच गए हैं। रात होते ही ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। शनिवार रात जंगल से बाहर निकले हाथी ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में आ गए। पहले तो किसान फिरुआ राना, प्रेमलाल राना, बलदेव राना, शंकर राना की धान की फसल को रौंद डाला। इसके बाद आबादी के नजदीक पहुंचे हाथियों ने ग्रामीण जितेंद्र, पप्पू, गिरिजेश व अलाउद्दीन की झोंपड़ियों को तहस-नहस कर दिया। हाथियों की सक्रियता देखते हुए ग्रामीण एकत्र हुए। पहले तो पीपे बजाने शुरू किए। इसके बाद ट्रैक्टरों की आवाज और रोशनी की मदद से हाथियों को बमुश्किल जंगल की ओर वापस किया जा सका।
शारदा नदी पार के इलाके में हाथियों की संख्या बढ़ने की जानकारी मिली है। इसको लेकर वनकर्मियों को मौके पर जाकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया गया है। - दिनेश कुमार गोयल, रेंजर बराही
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