गजरौला (पीलीभीत)। असम हाईवे पर जरा पुलिस चौकी के पास शुक्रवार रात करीब 11 बजे जानवर को बचाने के चक्कर में कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार चालक समेत दो की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। गजरौला पुलिस ने घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया। शनिवार को शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हाईवे पर अचानक सामने आए जानवर से बचाने के चक्कर में कार के पेड़ से टकराने की बात कही जा रही है। परिजन ने कार्रवाई से इंकार किया है।
बरेली जिले के जोगीनवादा इलाके में दशहरा मेला लगा था। इसमें मौत का कुआं नाम से स्टंट का करतब लगा था। इसमें बिलसंडा के मार गांव निवासी रामू (25) पुत्र बुद्धा लाल, काठ (मुरादाबाद) के ग्राम सिंधौली निवासी आनंद (26) पुत्र रामरतन और घनश्यामपुर बिलसंडा निवासी शिवम पुत्र रामपाल स्टंट करते थे। शुक्रवार को मेला समाप्त हो गया। इसके बाद तीनों कार से लखीमपुर के तिरकुनिया में दशहरा मेला में काम करने के लिए जा रहे थे। कार आनंद चला रहे थे। ठेकेदार पूरनपुर निवासी कादिर और आबिद दूसरी कार में आगे चल रहे थे। रात करीब 11 बजे असम हाईवे पर गजरौला थाना क्षेत्र में जरा पुलिस चौकी के आगे बढ़ते ही कार के सामने अचानक जानवर आ गया। जानवर को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों से सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर नरेश कश्यप पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तीनों को जिला अस्पताल भेजवाया। वहां डॉक्टरों ने रामू और आनंद को मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर परिजन देर रात आ गए। दूसरे दिन शनिवार सुबह पुलिस ने परिजन से जानकारी जुटाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चंद घंटे हुई बात में बोला था आंनद..करवा चौथ तक आ जाऊंगा
असम हाईवे पर जरा पुलिस चौकी के पास हुए हादसे के बाद दो परिवार गमगीन हो गए। मेलों में जान जोखिम में डालकर करतब दिखाकर परिवार का भरण पोषण करने के लिए घर से निकले मजदूरी पेशा आनंद और रामू के परिवार में चीख पुकार मच गई है। उनकी त्योहार से पहले उनके वापस आने का इंतजार कर रहे परिवार वालों को शुक्रवार देर रात जब उनकी मौत की खबर मिली तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। यह उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं रहा। क्षतविक्षत शव देखकर परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
काठ मुरादाबाद के ग्राम सिंधौली के रहने वाले आनंद की तो कच्ची गृहस्थी है, जो उसकी मौत के बाद बिखर गई है। पिता रामरतन मजदूरी करते हैं। वह दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई मुकेश अविवाहित है। दो बहनें है, जिसमें एक की शादी हो चुकी है। सात साल पहले उसकी शादी नेपाल की रहने वाली नैना से हुई थी। दो बच्चे छह साल का बेटा आयुष और डेढ़ साल की बेटी प्रतिज्ञा है। बीस दिन पूर्व वह घर से निकला था। उसकी परिजन से बात होती रहती थी। हादसे से महज तीन घंटे पहले ही उसने परिवार वालों से फोन पर बात की थी। घर-परिवार के हालचाल लिए। पत्नी नैना के पूछने पर कहा था कि करवा चौथ से पहले वह लौट आएगा। यह सुनकर पत्नी काफी खुश हुई थी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही। चंद घंटे बाद ही पति की मौत की खबर ने नैना को तोड़ दिया। वह बेसुध है, परिजन उसको संभालने में जुटे रहे।
उधर, मृतक रामू के परिवार की हालत भी इससे अलग नहीं है। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर का अविवाहित था। पिता बुद्घा लाल मजदूरी करते हैं। 15 दिन पहले वह घर गया था। कुछ दिन रहा और परिवार से दिवाली धूमधाम से मनाने की बात कही थी। अब उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है। जवान बेटे की मौत पर माता-पिता समेत अन्य परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। ग्रामीण और रिश्तेदार दुखद क्षणों में परिजन को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
पेड़ से कार टकरा गई है। हादसे में दो लोगों की जान चली गई, एक घायल है। गजरौला इंस्पेक्टर नरेश कश्यप को पोस्टमार्टम समेत अन्य कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। परिजन की ओर से कार्रवाई के लिए किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी