गभिया सहराई (पीलीभीत)। सीमावर्ती क्षेत्र में तेंदुए का आतंक जारी है। बुधवार रात खेतों की ओर चहलकदमी कर रहा तेंदुआ गभिया सहराई गांव में प्रधान दिपाली राय के घर में घुस गया। यहां वह लकड़ी के बने दड़बे में बंद मुर्गों को पकड़ने के लिए पहुंचा तेंदुआ जाली में फंस गया। दहाड़ सुनकर परिजन जागे, तेंदुए को देख सभी के होश उड़ गए। 10 मिनट की जद्दोजहद के बाद तेंदुआ जाली से बाहर निकलकर भाग निकला। सूचना के बाद नौजल्हा चौकी के वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई।
बराही रेंज के अंतर्गत इंडो नेपाल सीमा से सटे गभिया सहराई, रमनगरा, महाराजपुर, नौजल्हा व नगरिया खुर्दकलां समेत इलाकों में पिछले दो साल से तेंदुए का आतंक है। आबादी में घुसकर मवेशियों को निवाला बनाने का सिलसिला लगातार जारी है। गभिया सहराई की प्रधान दीपाली राय ने बताया कि बुधवार सुबह दस बजे मार्जिनल बांध की ओर आया तेंदुआ गेट न होने के चलते घर में घुस गया। कमरे बंद थे। आंगन के एक छोर पर लकड़ी के दड़बे में मुर्गे बंद थे। नजर पड़ते ही तेंदुआ दड़बे के पास पहुंचा और मुर्गों पर हमलावर होने के लिए जाली तोड़ दी। इसी बीच वह जाली में फंस गया। निकलने का प्रयास कर रहा तेंदुआ दहाड़ लगाने लगा। इससे परिवार के लोग जाग गए। घर के आंगन में तेंदुआ देख सभी के होश उड़ गए। शोर शराबा पर आसपास के लोग जमा हो गए। करीब दस मिनट की जद्दोजहद के बाद तेंदुआ जाली से बाहर निकल कर भाग निकला। सूचना वन विभाग को दी गई। नौजल्हा चौकी के वन दरोगा ने खुद न आकर वन रक्षक और वाचरों को भेज दिया। टीम ने पगचिह्न ट्रेस कर निगरानी बढ़ा दी है। इधर, कुछ ग्रामीण क्षेत्र में दो तेंदुओं की सक्रियता होने की बात भी कह रहे हैं।
लंबे समय से इलाके में तेंदुए का आतंक है। वन अफसरों को अवगत कराया गया था, लेकिन न नियमित निगरानी बढ़ाई जा रही है, न ही पिंजरा लगाकर तेंदुओं को पकड़ा जा रहा है। - शंकर राय, पूर्व प्रधान, गभिया सहराई
तेंदुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। घरों में घुसकर मवेशियों को लगातार निवाला बना रहे हैं। ऐसे में वन विभाग को समय रहते कोई ठोस निर्णय लेकर जनता की दहशत कम करनी चाहिए। - विमल दास, गभिया सहराई।
गभिया सहराई में वनकर्मियों को भेजा गया था। वहां पैरों के निशान ट्रेस किए गए हैं। तेंदुए की लोकेशन एक जगह न मिलने से पिंजरा लगाने की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। - राम बहादुर, नौजल्हा वन चौकी इंचार्ज