गभिया सहराई/ पीलीभीत। इंडो नेपाल बॉर्डर के इलाके में तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। खेतों के अलावा घर के नजदीक तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। रविवार रात जंगल से बाहर निकला तेंदुआ गभिया सहराई गांव में पहुंचने के बाद दिनेश विश्वास के घर से कुत्ते को उठा ले गया। पास के खेत में उसे ले जाकर निवाला बना लिया। गांव में चल रही दुर्गा पूजा के श्रद्धालुओं की तेंदुए पर नजर पड़ी तो वह डर गए। सूचना के बाद क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर आसपास इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
बराही रेंज के अंतर्गत में नौजल्हा क्षेत्र का जंगल है। पिछले डेढ़ साल से इस इलाके में तेंदुओं का आतंक है। गभिया सहराई, महाराजपुर समेत अन्य गांव में घुसकर कई दर्जनों मवेशियों को अपना निवाला बना चुके हैं। पूर्व में तीन तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर जंगल में छोड़ा भी जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी तेंदुए की दहशत आसपास के गांवों में कम नहीं हो सकी है। जंगल में सक्रिय अन्य तेंदुए की चहलकदमी शुरू हो गई। इधर गभिया निवासी दिनेश ने बताया कि रविवार रात वह अन्य परिजनों के साथ गांव में चल रही दुर्गा पूजा में गया था। तब तक खेतों की ओर आए तेंदुआ उसके पालतू कुत्ते को घर से उठा ले गया और पास के खेत में ले जाकर अपना निवाला बना लिया। गांव वाले डर की वजह से खेतों में नहीं जा रहे हैं। धान की फसल पकी खड़ी है। जंगली जानवरों के डर से बहुत से किसान समूह बनाकर खेतों में पहुंच रहे हैं।
नौजल्हा क्षेत्र में तेंदुए की चहलकदमी को देखते हुए पूर्व में कैमरे भी लगाए गए थे। ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। - दिनेश कुमार गोयल, रेंजर बराही