पीलीभीत। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने बीसलपुर के पूर्व चेयरमैन को व्यापार को लिए गए ऋण की अदायगी न करने पर दोषी ठहराया। साथ ही उनकी 20 लाख से अधिक की बंधक संपत्ति अधिगृहीत करने के लिए बीसलपुर के तहसीलदार को निर्देश दिए हैं।
बीसलपुर के पूर्व चेयरमैन नूर अहमद अंसारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बरेली शाखा से नूर हैंडलूम इंडस्ट्रीज के व्यापार को बढ़ाने के लिए 19 नवंबर 2007 को 17,50,000 रुपये का ऋण लिया था। ऋण लेने के एवज में पत्नी रेहाना बेगम के नाम संपत्ति को गारंटी के तौर पर दिखाया था। पूर्व चेयरमैन ने समय पर ऋण की अदायगी नहीं की।
कई बार नोटिस दिया गया। ऋण अदा नहीं करने पर खाते को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एनपीए में डाल दिया और 20,33, 874 रुपये बकाया दर्शा दिया। जिलाधिकारी ने सभी पत्रावली का अवलोकन करने के बाद ऋण लेने के एवज में प्रतिभूति के तौर पर दर्शायी गई संपत्ति को अधिगृहीत करने के आदेश दिए हैं।