पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश के सभी जिलों में दो जनवरी से विशेष अभियान ‘ऑपरेशन स्माइल’ चलाने के निर्देश दिए थे। यह अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। अभियान के तहत गुमशुदा बच्चों को ढूंढ कर उनके माता-पिता तक पहुंचाना था। होटलों, ईंट भठ्ठों व ढाबों पर काम करने वाले बच्चों से भी उनके बारे में पुलिस को जानकारी जुटानी थी। जानकारी को निर्धारित प्रपत्र पर भरकर संबंधित थाने से वेरीफिकेशन कराकर उनके गुमशुदा होने का पता लगाना था। जिले में चार सालों में कुल 68 बच्चे गुमशुदा हुए थे। पुलिस रिकार्ड के अनुसार जिसमें से 64 बच्चे मिल गए। इनमें से अधिकतर ऐसे बच्चे हैं, जो खुद वापस आ गए या फिर परिजनों ने उन्हें ढूंढ निकाला। अभी चार बच्चे लापता हैं, जिन्हें पुलिस खोज नहीं सकी है। दो जनवरी से शुरू होने वाला ‘ऑपरेशन स्माइल’ अपने जिले में पांच दिन बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। खासबात यह है कि महकमे ने अभी तक इसकी कोई कार्य योजना भी नहीं बनाई है। इससे अभियान की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं। एएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि शहर में निकलने वाला जुलूस-ए-मोहम्मदी काफी संवेदनशील था। जिसमें पुलिस लगी रही। इस वजह से ‘ऑपरेशन स्माइल’ की कार्य योजना नहीं बन सकी। बाल श्रम अधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी के साथ कार्य योजना तैयार कर ऑपरेशन शुरू कराया जाएगा।