गुरुद्वारा कलगीधर सिंह सभा में प्रकाशोत्सव में दो दिन पूर्व श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया था। सोमवार को गुरुद्वारे में चल रहे श्री अखंड पाठ साहिब का भोग हुआ। कार्यक्रम में देवहा कुलारा से आए कथावाचक शेर सिंह ने कहा कि श्री गोविंद सिंह जी ने धर्म की रक्षा की खातिर अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया। धर्म से बढ़कर और कुछ भी नहीं हो सकता। गुरु के बताए मार्ग पर चलने से परमात्मा की प्राप्ति होती है। अमृतसर से आईं कविशरी जत्थे की बलविंदर कौर खालसा ने गुरु गोविंद सिंह जी के द्वारा दी गई कुर्बानियों के बारे में विस्तार से संगत को बताया। उन्होंने गुरुवाणी का बखान करते हुए कहा कि हर सिख गुरु का धर्म बनता है कि वह अपनी मान मर्यादा के अनुसार कर्म करें। धर्म के खातिर ही गुरु ने अपने बेटों को जिंदा नींव में चुनवा दिया। इसके अलावा कई संतों ने गुरु की महिमा का बखान किया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी प्रबंधक भजन सिंह ने पंच प्याराें और नगर पंचायत चेयरमैन अजय गोयल को सरोपा भेंट किए। समापन पर मुख्य ग्रंथी कर्म सिंह ने अरदास की और प्रसाद वितरण हुआ। गुरु का अटूट लंगर देर शाम तक चलता रहा। इसमें कस्बे के अलावा आसपास क्षेत्र के लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर गुरु दावर सिंह, बलविंदर सिंह, तेजेंद्र सिंह, चरनजीत सिंह, अमरीक सिंह, दलजीत सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, डॉ. डोरी लाल वर्मा, हरमेल सिंह, हरजीत सिंह, अंग्रेज सिंह, कश्मीर सिंह आदि मौजूद रहे।