पीलीभीत/माधोटांडा। आपरेशन पाताल में तमंचा बरामद होने पर एक दिन पूर्व जेल भेजे गए माधोटांडा थाना क्षेत्र के गभिया सहराई गांव निवासी दुलाल मंडल और मैनाकोट गांव निवासी श्रीकृष्ण बाघ शिकार के दो मामलों में छह साल से वांछित थे। इनकी धरपकड़ की सूचना पुलिस से मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने भी दोनों का रिमांड लेने को कार्रवाई शुरू कर दी है।
साल 2014 में टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में बाघ शिकार के दो मामले सामने आए थे। वन विभाग ने नौ लोगों पर केस काटा था। सात शिकारियों को वन विभाग गिरफ्तार कर जेल भेज चुका था। दुलाल मंडलन और श्रीकृष्ण नेपाल भाग गए थे। नेपाल में पांच साल पहले दुलाल मंडल बाघ की हड्डी और खाल के साथ गिरफ्तार हुआ। नेपाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पांच साल बाद 20 दिन पूर्व ही जमानत पर छूटने के बाद दुलाल मंडन घर आकर रहने लगा। श्रीकृष्ण भी अपने घर लौट आया। शिकार के मामले में फरार दोनों शातिर अपराधियों की वापसी से वन विभाग की टीमें अंजान थी। कार्रवाई को जारी रखते हुए वन विभाग की ओर से पुलिस से दोनों की धरपकड़ को सहयोग मांगने को पत्राचार किया जा रहा था।
इधर, डीआईजी बरेली के आदेश पर चलाए गए दो दिवसीय ऑपरेशन पाताल अभियान में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से दुलाल और श्रीकृष्ण की गिरफ्तारी की। दोनों को तमंचा बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत चालान किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों जेल भेज दिए गए। इसके बाद पुलिस को दोनों के बाघ शिकार में वांछित होने की बात सामने आई तो वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इस पर मंगलवार को वन विभाग के प्रभारी रेंजर आरिफ जमाल की ओर से दोनों का रिमांड लेने को कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय बाद शिकारियों के हत्थे चढ़ने पर विभाग ने राहत की सांस ली है।
दोनों अपराधियों को ऑपरेशन पाताल के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ये दोनों बाघ शिकार के मामले में भागे हुए थे। इसकी सूचना वन विभाग को दे दी गई है। इस संबंध में आगे की कार्रवाई वन विभाग से की जा रही है। दुलाल हाल ही में नेपाल की जेल से जमानत पर छूटा है। - सतीश बाजपेई, एसएसआई माधोटांडा
दुलाल मंडल और श्रीकृष्ण 2014 से बाघ शिकार के दो मामलों में वांछित थे। इनकी धरपकड़ को लगातार कार्रवाई चल रही थी। पुलिस को भी इसकी सूचना पहले से दे रखी थी, ताकि उन्हें पकड़ा जा सके। अब दोनों का रिमांड पर लिया जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर